जालंधर. कर्फ्यू के कारण थमी जिंदगी ने ब्यूटी व फैशन इंडस्ट्री के कारोबार को शहर में घात लगाई है। दुकानें, शोरूम और मॉल बंद पड़े होने से जहां इस इंडस्ट्री के रुटीन ग्राहकों को मुश्किल से भी पहुंच नहीं मिल पा रही है, वहीं ब्यूटी सैलून व ड्रैसेस मैटीरियल शॉप्स चाहकर भी शो-रूम नहीं खोल पा रहे हैं।
ऐसे में दोनों को तीन दिन में लाखों का लॉस हुआ है। तीन दिनों में ब्यूटी सैलून शॉप्स के पास रैगुलर क्लाइंट्स की दर्जनों अप्वाइंटमेंट्स कैंसिल हुई हैं। डिजाइनर शोरूम्स में भी कस्टमर्स के ऑर्डर रुके हैं। प्रोफैशनल व कस्टमर्स दोनों ही इस स्थिति से जल्द से जल्द निकलना चाहते हैं।
आर्थिक नुकसान और परेशानी अलग
ब्यूटी क्लीनिक क्लीयोपेट्रा की संचालिका डॉ. रूपाली बताती हैं कि एक तरफ जहां उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है, वहीं ग्राहकों को भी भारी परेशानी हो रही है। उनके मुताबिक इन दिनों ब्राइडल मेक अप के लिए कई ग्राहक अप्रोच कर रहे थे। इनमें से दर्जनभर ऑर्डर सिर्फ 26 व 27 मई के लिए ही बुक थे, लेकिन कफ्यरू की वजह से कुछ क्लाइंट्स ने ऑर्डर कैंसिल कर दिए तो कुछ ने अपने सराउंडिंग्स से सर्विस लेकर एडवांस मनी बैक तक के लिए क्लेम कर दिया।
उन्होंने बताया कि जिन क्लाइंट्स की प्री-ब्राइडल सर्विस चल रही थी, वह भी बीच में ही रुक गई है और पार्टी मेकअप की बुकिंग भी कैंसिल करनी पड़ी। इससे जहां आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, वहीं गुडविल के कारण कुछ की बुकिंग राशि भी लौटानी पड़ सकती है तथा इतने ऑर्डरों की बुकिंग राशि के भुगतान में परेशानी भी उठानी पड़ रही है।
सपनों सा कारोबार
कलाश्री के दिनेश बताते हैं कि फैशन व ट्रेंड मार्केट सपनों के कारोबार की कहावत को चरितार्थ करती है। क्योंकि यहां कारोबार वर्तमान की कमाई को आधार बनाकर भविष्य की योजना बनाता है, मगर दुखद है कि इस बार वर्तमान के कारण भविष्य बिगड़ रहा है।
आर्थिक नुकसान तो मायने रखता ही है, क्योंकि सरकार इसकी भरपाई नहीं कर नहीं पाएगी। हमें तो स्टाफ को वेतन भी देना है व साथ ही अन्य खर्च भी निकालने हैं।
ऐसे में जब कमाई ही नहीं होगी तो खर्च कैसे निकल पाएंगे। बड़ी शिकायत यह भी है कि जिन गल्र्स की वैडिंग या फंक्शन हैं, उन्हें ड्रैसेस टाइम पर न मिलने के कारण परेशानी हो रही है। कारीगर भी आ नहीं रहे हैं, ऐसे में समय पर कैसे कपड़े सिल कर दे पाएंगे। अब काम का बोझ बढ़ेगा
‘सैलून 11’ के मैक्स बताते हैं कि अप्वाइंटमेंट कैंसिल होने के कारण दिनों में कई ग्राहक कॉल करके रीलैक्सेशन के दौरान सैलून खोलने के लिए कह रहे हैं। अब कफ्यरू हटने के बाद एक दम से वर्क लोड भी बढ़ जाएगा, जिन क्लाइंट्स की वैडिंग या कोई फंक्शन इन्हीं दिनों में है, उनके लिए ज्यादा चिंता की बात है।
उन्होंने कहा कि हमें तो नुकसान हो ही रहा है, मगर लोगों को सर्विस वक्त पर न देने का मलाल भी है। दूसरी तरफ ब्यूटी प्रोफैशनल के साथ कस्टमर्स की अप्वाइंटमेंट कैंसिल कर आने वाले दिनों में शिफ्ट करने से शैड्यूलिंग भी बिगड़ रही है। तीन दिन से बिजनेस ठप पड़ा है।
देरी से होगा हर काम
टंडन आर्ट्स के आरके टंडन बताते हैं कि मई, जून व जुलाई के महीनों में आने वाले सीजन के लिए नए डिजाइन तैयार किए जाते हैं। कफ्यरू के कारण अब हर काम में देरी तो होगी ही साथ ही यह जो वक्त बीत रहा है, हमारे लिए कमाई के लिहाज से खास था। इन्हीं महीनों में नए फैबरिक और डिजाइनिंग में काम किया जाता है, ताकि कस्टमर्स को नए से नए फैशन स्टेटमेंट से रू-ब-रू करवाया जा सके।
समर कलैक्शन का थर्ड वीक खराब
ट्रेंड्स लुक के एमडी तरुण खरबंदा के मुताबिक हर सीजन को वे रेडीमेड कलैक्शन के लिए साप्ताहिक नजरिए से देखते हैं। अप्रैल से शुरू हुए समर कलैक्शन के पहले सप्ताह को मई मिड में दूसरे व इस सप्ताह आई कलैक्शन को थर्ड वीक यानी थर्ड ट्रेंडी कलैक्शन का नाम दिया गया था, जिसे सोमवार को बाजार में उतारना था। मगर कफ्यरू ने सब बिगाड़ दिया। अब थर्ड वीक कलैक्शन दूसरे शहरों में सेल भी हो चुकी है, हम अगले सप्ताह निकालेंगे तो ग्राहक पुरानी बताएंगे।