परिंदों से दोस्ती फायदे की
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परिंदों से दोस्ती फायदे की

अमृतसर. दैनिक भास्कर की तरफ से शुरू किया गया अभियान ‘परिंदों के लिए दाना- पानी’ शहर में घर-घर तक पहुंच रहा है। इसके तहत जहां लोग खुद पक्षियों के लिए दाना-पानी का बंदोबस्त कर रहे हैं, वहीं वे अन्य को भी इस अभियान के साथ जोड़ रहे हैं।

ग्रीन एवेन्यू निवासी वीके ग्रोवर अपने पिता के दिखाए मार्ग पर चलते हुए पिछले 25 सालों से परिंदों के साथ अपनी दोस्ती निभाते चले आ रहे हैं।

ग्रोवर ने बताया कि उनके पिता एडवोकेट केसी ग्रोवर घर में पक्षियों के लिए रोटी- पानी का प्रबंध करते थे। जबकि उन्हीं के दिखाए मार्ग पर ही चलते हुए वह और उनकी पत्नी सुमन ग्रोवर भी रोज सुबह उठकर गाय को रोटी देने के उपरांत पक्षियों को चावल और पानी डालती हैं।

ग्रोवर ने बताया कि वह अब अपने घर में रोजाना दाना चुगने के लिए आने वाले इन बेजुबान परिंदों के साथ काफी घुलमिल गए है। उन्होंने बताया कि रोजाना सबसे पहले चिड़ियों का आगमन होता है, उसके उपरांत मैना और कौए आते हैं।

ग्रोवर का कहना है कि ये बेजुबान पक्षी हमारे परिवार का ही एक हिस्सा हैं। जैसे हम अपने बच्चों को पालते हैं, उसी प्रकार से ही हमें पक्षियों का भी सहारा बनना चाहिए। उन्होंने बताया कि वह दूसरे लोगों को भी इस ओर प्रेरित कर रहे हैं। ग्रोवर के अनुसार उनकी अनुपस्थिति में उनकी भाभी अरुणा ग्रावर पक्षियों को दाना-पानी डालती हैं।

यही नहीं उन्होंने पक्षियों की सेवा करने का संस्कार अपने बच्चों के भी डाला है। यही कारण है कि वे पुणो में सेटेल्ड हैं और वहां भी उन्हें दाना-पानी का बंदोबस्त करते हैं।

ग्रोवर कहते हैं कि बेजुबान परिंदे जब किसी के हाथ का डाला दाना चुगते हैं तो वे संबंधित व्यक्ति को दुआएं देते हैं। जोकि जीवन के किसी न किसी मोड़ पर अवश्य काम आती हैं। उन्होंने कहा कि दैनिक भास्कर की ओर से चलाया जा रहा अभियान काबिले तारीफ है। इससे जहां पक्षियों के लिए दाना-पानी का इंतजाम हो रहा है, वहीं लोगों के मन में सेवा भावना का जज्बा भी पैदा हो रहा है।



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