फिल्म समीक्षा- कॉमेडी की नई हवा 99
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फिल्म समीक्षा- कॉमेडी की नई हवा 99

film9999 का फेर भी बड़ा अजीब होता है। कहा जाता है कि 99 का फेर बहुत बुरा होता है और शायद यही सोच कर फिल्म का नाम 99 रखा गया है। फिल्म का थीम आम जीवन में इसी 99 के फेर को दिखाया गया है।

फिल्म में मशहूर कॉमिक किरदार लारेल और हार्डी को आधार बनाकर इस फिल्म में एक मोटा और एक दुबला-पतला किरदार रचा गया है। जिन्हें सायरस भरूचा और कुणाल खेमू ने निभाया है। फिल्म की कहानी तो एकदम सीधी-सादी लगती है लेकिन इसका ट्रीटमेंट कुछ इस तरह किया गया है कि यह बिल्कुल नए तरह की कॉमेडी नजर आती है।

फिल्म में मुंबई के दो छोटे जालसाज डुप्लीकेट सिम के काले धंधे में पकड़े जाने से बचने के लिए भागते हैं और अपराध के दूसरे रूप में फंस जाते हैं। वे एक बुकी के लिए काम करने लगते हैं और उसके पैसे की वसूली के लिए दिल्ली आने पर उनका सामना विचित्र किस्म के किरदारों से होता है।

पिछले कुछ समय से नई फिल्म को तरस रहे लोगों को फिल्म 99 पसंद आएगी। फिल्म की पटकथा पर मेहनत की गई लगती है जिसमें खासतौर पर मुख्य किरदारों के अतिक्ति अन्य चरित्र किरदारों में यह नजर भी आता है।

अन्य भूमिकाओं में बोमन ईरानी और राज मिस्त्री अपनी-अपनी भूमिका के साथ पूरा न्याय करते नजर आए हैं। इस फिल्म के जरिए हिंदी फिल्मों को राज के रूप में एक नया कलाकार मिल रहा है जिसमें किसी भी तरह की भूमिका निभाने का माद्दा रखता है। बोमन की पत्नी का किरदार निभा रही सिमोन सिंह ने किरदार के भाव को समझ व्यक्त भी किया है।

फिल्म का कमजोर पक्ष रहा उसका एक भाषा विशेष को निशाना बनाकर हंसाने की कोशिश करना। यह बात सही है कि फिल्में अभिव्यक्ति का स्वतंत्र माध्यम है लेकिन इसका अर्थ यह कदापि नहीं है कि किसी को इसका खास निशाना बनाया जाए।



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