जयपुर में स्वाइन फ्लू का मरीज!
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जयपुर में स्वाइन फ्लू का मरीज!
भास्कर न्यूज Friday, June 05, 2009 01:49 [IST]  

जयपुर. Swine Flue मैक्सिको से फैलने वाली खतरनाक बीमारी इन्फ्लूएंजा-‘ए’ एच1 एन1 (स्वाइन फ्लू) की गुरुवार को जयपुर में दस्तक सुनाई दी है। एयरपोर्ट पर दुबई की फ्लाइट से आए एक 30 वर्षीय व्यक्ति को इस बीमारी का संदिग्ध मानते हुए एसएमएस अस्पताल के संक्रामक रोग खंड में भर्ती किया गया है। इसके बाद मरीज की विभिन्न जांच सेंपल लेकर पुष्टि के लिए दिल्ली भेजे गए हैं।

प्रथम दृष्टया, सीनियर डॉक्टरों ने राहत की यह बात बताई है कि संदिग्ध व्यक्ति में स्वाइन फ्लू का कोई स्पष्ट लक्षण नहीं है। मूलत: जलालपुर (झुंझुनूं) के रहने वाले इस संदिग्ध युवक का नाम राजेश जाट है, जो दुबई की एक मकान बनाने वाली निजी कंपनी में कार्यरत था।

गुरुवार सुबह की फ्लाइट से एयरपोर्ट पहुंचने पर डॉक्टरों की टीम ने इस व्यक्ति में स्वाइन फ्लू से मिलते-जुलते लक्षण (नाक बहना और छींके आना) दिखाई दिए। इसके बाद इस व्यक्ति को एसएमएस अस्पताल के संक्रामक रोग खंड में भर्ती कर लिया गया। ऐहतियातन यहां लोगों की एंट्री बंद कर दी गई है और संदिग्ध व्यक्ति का फिलहाल एंटी वायरल-इंफेक्शन इलाज शुरू किया गया है।

दरअसल, अप्रेल के आखिरी सप्ताह में केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से ऐहतियान सभी हवाई अड्डों बीमारी की पड़ताल के लिए ‘स्क्रीनिंग प्रोग्राम’ शुरू किया था। यहां तैनात डॉक्टरों की टीम बाहर से आने वाले यात्रियों में जांच करती है। हालांकि जयपुर हवाई अड्डे पर कोई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट नहीं है। वहीं मैक्सिको से फैली स्वाइन फ्लूबीमारी के अन्य मरीज अमेरिका और कनाडा में ही देखे गए हैं। इसलिए इस बीमारी के खतरे की आशंका बहुत कम हो जाती है।

स्वाइन फ्लू का कोई स्पष्ट लक्षण नहीं है

एसएमएस अस्पताल में मेडिसिन विभागाध्यक्ष और आचार्य डॉ. पी.डी. खंडेलवाल के अनुसार संदिग्ध व्यक्ति को ‘वेज ऑफ मोटर राइनाइटिस’ (नजला) है। संभवतया फ्लाइट के एयरकंडीशनर माहौल में यह सेंसेटिव हो गया। इसके व्यक्ति को नाक बहना और छींके आना शुरू हो गई। स्वाइन फ्लू में भी मरीज की नाक बहती है। लेकिन इस संदिग्ध में स्वाइन फ्लू का अन्य कोई लक्षण दिखाई नहीं दिया है।

स्वाइन फ्लू के लक्षण

जानकार डॉक्टरों के अनुसार ‘स्वाइन फ्लू’ सर्दी-जुकाम के इंफ्लुएंजा वायरस से फैलता है। अभी तक इस बीमारी का कोई कारगर इलाज नहीं है। इस बीमारी में मरीज को तेज बुखार, जोड़ो में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और छींके आने लगती है। इसके अलावा उल्टी होना और जी मिचलाना भी है।

उनका कहना है

मरीज को स्वाइन फ्लू का संदिग्ध मानकर खून का सैंपल दिल्ली भेजा गया है। एकाध दिन में यह रिपोर्ट आ जाएगी। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- डॉ. नरपत सिंह, अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल

मेरे बेटे को नजला है.फिर कोई क्यों नहीं सुनता?

राजेश को समझ नहीं आ रहा है कि उसे एयरपोर्ट पर उतरने के बाद अस्पताल में क्यों ‘नजरबंद’ कर दिया गया? राजेश मीडिल क्लास तक ही पढ़ा-लिखा है। उसे सिर्फ यह बताया गया है कि उसे कोई खतरनाक बीमारी है, जो ‘छुआछूत’ से फैलती है। राजेश को जिस वार्ड में रखा गया है, वह 10 बैड का है।

अब यहां सिर्फ राजेश को भर्ती रखा जा रहा है। राजेश के पिता ताराचंद जाट ने बताया ‘ये डॉक्टर म्हारा बेटा ने जाणो कांई बेमारी बताके बंद कर राख्यो है.हाथ-पांव जोड्या पाछै मने मुंह पर कपड़ा बांधके दूर सूं मिलबा दिया। बेटो बोल्यो कि दादा मैं कोनी बचूं.। मैं सबने बता रियो छूं कि इन्हें तो कई साल सूं नजलो छै.। पर म्हा गरीब की कोई कोनी सुणो। या कठै को न्याय छै कि छोरा नै यूं बंद कर राख्यो है।


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