लंदन. ब्रिटेन के अब तक के सबसे बड़े वीजा घोटाले में कथित रूप से शामिल तीन भारतीयों को 4 से आठ वर्ष की सजा सुनाई गई है। सजा पाने वालों में एक वकील और उसकी दो पत्नियां शामिल हैं।
आइलवर्थ क्राउन कोर्ट ने ‘यूनीवीसास’ नामक फर्म चलाने वाले जतिंद्र कुमार शर्मा (44) को सात साल और उसकी दूसरी पत्नी राखी शाही (31) को आठ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इस दंपती ने फर्जी दस्तावेज और पहचान पत्र के जरिए सैकड़ों अप्रवासियों को वीसा दिलवाने में मदद की थी। कोर्ट ने आदेश दिया कि सजा की अवधि समाप्त होने के बाद ही इन्हें देश से बाहर भेज दिया जाए।
जतिंद्र की पहली पत्नी नीलम शर्मा को चार वर्ष की सजा सुनाते हुए जज मैकग्रेगर जॉनसन ने कहा, ‘दो वर्र्षो से जारी इस गोरखधंधे की साजिश एक पेशेवर संस्था ने रची थी और अगर पुलिस एक खोजी मीडिया रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं करती तो यह गैर कानूनी काम आगे ऐसे ही चलता रहता।’
पुलिस ने बताया कि जतिंद्र और नीलम की शादी 20 वर्ष पहले हुई थी। विवाह के एक अन्य प्रमाण पत्र से खुलासा हुआ है कि उसने हाल ही में राखी से शादी की थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों शादियां भारत में हुई थीं।