अहमदाबाद. प्रतिबंधित शेयर दलाल केतन पारिख द्वारा बैंकों से ठगा गया धन शेयरों में लगाकर बाजार में उथल-पुथल करने के संकेत मिले हैं। पारिख यह काम अपने विश्वस्त क्लाइंट्स के जरिए कर रहा है। बाजार नियामक सेबी ने कॉल्स रिफाइनरी, कॉफिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लि., बैंग ओरवसीज लि., एसपीएसएल और टीएफएल नामक पांच कंपनियों में केतन पारिख और उसके 26 सहयोगियों द्वारा की गई सट्टाखोरी की जांच प्रवर्तन निदेशालय को सौंपी है।
सेबी ने इन 26 चिह्न्ति सहयोगियों पर शेयर बाजार में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सेबी ने आदेश में कहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि केतन पारिख अपने परिचित क्लाइंट्स के माध्यम से बाजार में इच्छानुसार ट्रेडिंग कर रहा है।
सेबी ने गुरुवार को अपने अंतरिम आदेश में मारुति सिक्यूरिटीज लि. सहित अन्य कंपनियों व व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगा कर इन्हें 15 दिन के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है। साथ ही चिमनलाल माणोकलाल सिक्यूरिटीज प्रा. लि. के कॉल्स सौदे के बारे में बीएसई को जांच के आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले 1999-2001 में भी सेबी ने एचएफसीएल, जी टेलिफिल्म्स, अदाणी एक्सपोर्ट, रैनबैक्सी एवं एफटेक इंफोसिस कंपनियों की ट्रेडिंग में अनियमितता के लिए पारिख व 17 अन्य कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया था। 880 करोड़ रुपए के गुजरात माधवपुरा मर्केटाइल बैंक घोटाले में पारिख के साथ मणियार भी आरोपी हैं। जांच एजेंसी सीबीआई ने मणियार को भी गिरफ्तार किया था।
इन पर प्रतिबंध
मारुति सिक्यूरिटी, चंद्रा फाइनेंस., एचएसएम फाइनेंस, कुंदन लीजिंग, जय इन्वेस्टमेंट्स, शांति फाइनेंस, एक्मे क्राफ्ट, ओवरसाइट ट्रेडकॉम, विजय इन्वेस्टमेंट्स, आलीशा वाणिज्य, स्टूपेंडर्स ट्रेडर्स, समता जैन, सुरभि जैन, वेंचर बिजनेस, रविकांत चौधरी, श्याम सुंदर शाह, पिनंस कॉम, वीएसबी इन्वेस्टमेंट्स, राखी ट्रेडिंग, चिमिंग ट्रेडिंग, अशोक कुमार जैन, अमर पैकेजिंग, जय शिरीष मणियार और राजेन्द्र अग्रवाल।
सौदों की पड़ताल के बाद सेबी इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि कॉल्स, एसपीएसएल एवं टीएफएल के सौदों में इन सहयोगियों ने क्रमश: 3.68, 7.64 एवं 4.68 करोड़ का घाटा दर्शाया है। कॉफिडेंस और बैंग के सौदों में भी क्रमश: 42.01 व 4.72 करोड़ रुपए का घाटा दिखाया गया है।