पहली नजर में देखने पर यह आम पत्थरों का कलेक्शन लगता है, लेकिन ये कोई मामूली पत्थर नहीं, बल्कि उल्कापिंड हैं। उल्कापिंड को संग्रह करने के शौकीन रॉब इलियट का यह कलेक्शन अगस्त में ईडनबर्ग के टर्नबुल और लेयॉन में नीलामी के लिए रखा जाएगा।
मिल्टन के रहने वाले रॉब इलियट पिछले 10 सालों से उल्कापिंडों का कलेक्शन कर रहे हैं। अब उनके कलेक्शन में हजार से भी अधिक विभिन्न आकार के पत्थर इकट्ठा हो गए हैं, जिन्हें वे अगस्त में नीलामी के लिए रखेंगे। इस कलेक्शन की कीमत करीब 7 करोड़ 73 लाख रुपए आंकी गई है। रॉब का यह कलेक्शन दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है और दूर-दूर से लोग इसे देखने आ रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर रॉब का कहना है कि इन अनोखे पत्थरों को इकट्ठा करना मेरे सबसे पसंदीदा कामों में से एक रहा है। मुझे नहीं मालूम था कि इसके कारण दुनिया मुझे जानने लगेगी।
मैगजीन में देखकर ख्याल आया
रॉब बताते हैं कि 13 साल पहले असली उल्कापिंड बेचने के लिए एक साइंस मैगजीन में विज्ञापन प्रकाशित हुआ था। इसकी कीमत 40 डॉलर रखी गई थी। उसको देखने के बाद उन्हें ऐसे पत्थरों को इकट्ठा करने का ख्याल आया। पिछले 10 सालों से उल्कापिंड को इकट्ठा करना उनका फुल टाइम जॉब है। उन्हें विज्ञान और अंतरिक्ष की दुनिया हमेशा से आकर्षित करती रही है।
नाखून के आकार का पत्थर
रॉब बताते हैं कि उल्कापिंड का महत्व उसके पाए जाने वाली जगह पर भी निर्भर करता है। ब्रिटेन में इस तरह के उल्कापिंड बहुत ही कम पाए जाते हैं, इसलिए यहां मिलने वाले उल्कापिंड ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। एक बार मुझे लेजली में मेरे नाखून की साइज का एक पत्थर मिला था, जिसकी कीमत 38 हजार रुपए से भी ज्यादा आंकी गई थी। इसी तरह हर उल्कापिंड के पीछे एक कहानी छिपी है।
जैक्सन रहे हैं खरीदार : रॉब को उल्कापिंड मिलते थे तो वे उन्हें किसी म्यूजियम या यूनिवर्सिटी में देने से पहले उसका एक टुकड़ा काटकर अपने पास भी रख लेते थे। वे पत्थरों को इस तरह से काटते थे, जैसे ब्रेड की कटिंग कर रहे हों। रॉब कहते हैं कि जब मुझे लगा कि इन पत्थरों से अच्छाई कमाई हो सकती है तो मैंने अपनी पत्नी इरने और अपने बैंक मैनेजर से बात की।
विश्व के लोग हम तक पहुंच सकें, इसके लिए हमने एक वेबसाइट शुरू की। इसके जरिए पॉप स्टार माइकल जैक्सन और यूरी गैलेर जैसे खरीदारों ने भी अपनी पसंद के पत्थर खरीदे थे। रॉब की अब तक की सबसे महत्वपूर्ण खोज थी 2005 में नॉर्थ यार्कशायर में मिला हैम्बेल्टन उल्कापिंड। हालांकि पत्थरों का आकार या वजन उसकी कीमत तय नहीं करता। 18 किलोग्राम के हैम्बेल्टन के लिए डेढ़ करोड़ रुपए से भी अधिक रकम मिली थी।