नई दिल्ली. शुक्रवार को जब बीएसई सेंसेक्स ने 95 अंक की बढ़त ली तो यह दस माह की ऊंचाई पर था। लगातार तेरह सप्ताह तक बीएसई सेंसेक्स मुनाफे में साप्ताहिक बंद हुआ। अगस्त 2006 के बाद इतनी लंबी साप्ताहिक रैली सेंसेक्स में दिखाई दी है। कारोबारियों को उम्मीद है कि अगले महीने में बीएसई सेंसेक्स में बढ़त जारी रह सकती है। अब सेंसेक्स नए शिखर तलाश रहा है।
बीएसई सेंसेक्स ने शुक्रवार को 15,000 के मनोवैज्ञानिक निशान पर अपनी बढ़त बनाए रखी और 94.87 अंक का इजाफा किया। मिडकैप और स्मालकैप शेयरों में चल रहा तेजी का सिलसिला जरूर रुका। दोनों ही इंडेक्स में गिरावट का रुख था। एशियाई बाजार मजबूती से खुलने के बाद कुछ समय तक घाटे में रहे। बाद में सुधार दिखाई दिया।
बीएसई सेंसेक्स 15,040.24 अंक पर खुलने के बाद एक समय 14,993.60 तक चला गया था, लेकिन बाद में 15,103.55 पर बंद हुआ। यह 94.87 अंक का सुधार था। एनएसई निफ्टी 4573.30 पर खुलने के बाद 4586.90 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद के मुकाबले 0.31 फीसदी बेहतर था। विदेशी निवेशकों के धन का प्रवाह अब भी भारतीय शेयर बाजार में बना हुआ है।
मौसम विभाग ने अच्छे मानसून का अनुमान लगाया है। राष्ट्रपति ने सरकार के एजेंडे में साफ कहा है कि सरकार उन क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान देगी, जिन पर बुरा असर पड़ा है। अमेरिकी बाजार में बेरोजगारों की संख्या में इजाफा हुआ है और बैंकों के शेयरों में सुधार दिखाई दिया।
बीएसई ने शुक्रवार को 8,934 करोड़ रुपए का कारोबार किया है जो 4 जून 2009 को 9,175.26 करोड़ रुपए के मुकाबले बेहतर है। निवेशकों को लग रहा है कि बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाकर 49 फीसदी कर दी जाएगी। वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि अगले दौर के सुधार कार्यक्रम से विकास दर को गति मिलेगी।
तेजी की संभावना
एसएमसी गलोबल के उपाध्यक्ष राजेश जैन कहते हैं कि 52 हफ्ते का उच्च स्तर छूना इस तेजी के बाजार के लिए कोई आश्चर्यजनक नहीं है। उनके मुताबिक जिस तेजी से बाजार बढ़ रहा है ऐसे में जरा सी छलांग पर वह 52 हफ्ते के शिखर को छू सकता है। उनके मुताबिक बजट से पहले की यह तेजी है और बजट तक बाजार में अच्छी तेजी आने की संभावना है।
हर दिन नया स्तर
इंडिया इंफोलाइन के अमर अंबानी कहते हैं कि बाजार हर दिन नया स्तर छू रहा है। बुधवार को भी 15,000 तक बाजार पहुंचा था, पर फिसल गया। गुरुवार को 15,000 का स्तर पार कर गया। शुक्रवार को यह 15103 अंक पर बंद हुआ है। उनके मुताबिक इस समय निवेशकों के पास काफी पैसे हैं और मौका पाते ही वे बाजार में आना शुरू हो जाएंगे। जब निवेशकों के पैसे बाजार में आएंगे तो बाजार का बढ़ना स्वाभाविक है।