पेरिस.
21 वीं सदी के सर्वश्रेष्ठ टेनिस खिलाड़ी कहे जाने वाले रोजर फेडरर को फ्रेंच ओपन टेनिस में असफलता मिलती आ रही थी लेकिन जीवट के धनी इस महारथी ने भी अपनी सफलता पाने की जिद से अंतत: जीत हासिल कर ली।
यह एक ऐसी सफलता थी जिसके लिए खुद फेडरर के अलावा उनके लाखों प्रशंसकों को भी वर्षो से इंतजार था। आखिर यही एकमात्र ऐसा ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट था जिसे फेडरर अब तक अपने नाम नहीं कर पाए थे।हालांकि वे इससे पहले तीन बार यहां पर फाइनल तक पहुंचने में सफल रहे थे लेकिन स्पेन के राफेल नडाल रूपी दीवार को वे कभी लांघ नहीं पाए थे।
इस बार शायद किस्मत ने भी फेडरर को उनकी कठिन मेहनत और जुझार प्रदर्शन का इनाम देने की ठान ली थी इसीलिए तो उनकी खिताबी जीत की सबसे बड़ी बाधा माने जा रहे शीर्ष वरीयता प्राप्त नडाल चौथे दौर में ही स्वीडन के रॉबिन साडर¨लग के हाथों हारकर फेडरर की खिताबी जीत का आधार तैयार कर गए।नडाल ही एकमात्र खिलाड़ी हैं जिससे फेडरर घबराते हैं।
इस जीत के साथ ही फेडरर ने न केवल सर्वाधिक ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के पीट सेम्प्रास के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली बल्कि कैरियर में सभी चारों ग्रैंड स्लैम जीतने वाले इतिहास के छठे खिलाड़ी भी बन गए।
इस यादगार मौके पर उन्हें मस्कटियर्स कप ट्रॉफी सौंपने वाले महान अमेरिकी खिलाड़ी आंद्रे अगासी ही वे पिछले दिग्गज थे जिन्होंने अपने कैरियर का ग्रैंड स्लैम पूरा किया था। अगासी ने भी ट्रॉफी देने के पहले अपने खास क्लब के इस नए सदस्य को गले लगाकर उनका स्वागत किया। मगर खुशी के इस मौके पर फेडरर अपने आंसू नहीं रोक पाए।
उन्होंने रूंधे हुए गले से कहा ‘ सब कुछ जादुई लग रहा है। अगासी ने मुझसे कहा कि यह खिताब मेरी किस्मत में लिखा था। मुझे लगता है कि यह मेरे कैरियर की सबसे बड़ी जीत है। इस एक जीत ने मुझ पर से अचानक ही बहुत सारा दबाव कम कर दिया है।’