एयरलाइनों को 9 अरब डॉलर घाटे की संभावना
Elections 2009 Divya Bhaskar Business Bhaskar Indiainfo DNA 3Dsyndication MyFM Mera Mobi


एयरलाइनों को 9 अरब डॉलर घाटे की संभावना

कुआलालंपुर। दुनियाभर की एयरलाइनों को वर्ष 2009 के दौरान करीब 9 अरब डॉलर का घाटा होने की संभावना है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) ने कहा है कि तीन महीने पहले उसके अनुमान से यह घाटा करीब दोगुना होगा।

विमार्न ईधन (एटीएफ) की कीमतों में बढ़ोतरी और यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट के कारण विमानन उद्योग गंभीर संकट से गुजर रहा है। आईएटीए के महानिदेशक जिओवानी बिजिग्नानी ने कहा कि विमानन उद्योग इस समय सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है।

उन्होंने कहा कि वह हकीकत की बात करते हैं, उन्हें अभी कोई ऐसे संकेत दिखाई नहीं दे रहे जिससे कुछ उम्मीद बंधे। एयरकॉफ्ट बनाने वाली यूरोपीयन कंपनी एयरबस के कॉमर्शियल डायरेक्टर जॉन लेही ने कहा कि 2009 काफी कठिन रहेगा।

लेकिन यूनाइटेड एयरलाइंस ने एयरबस और बोइंग को करीब 150 नए विमान खरीदने का ऑर्डर दिया है, इससे लगता है बाजार में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऑर्डर रद्द करने की घटानाएं ज्यादा नहीं हैं। इस मौके पर एयर इंडिया के चेयरमैन अरविंद जाधव ने कहा कि बोइंग से विमान खरीद प्रक्रिया स्थिगित करने के बारे में कंपनी विचार कर रही है।

एयर इंडिया ने विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग को 8 अरब डॉलर के विमानों का ऑर्डर दिया हुआ है। इनमें 27 बी787 ड्रीमलाइनर भी शामिल हैं। जाधव ने कहा कि कारोबार में सुधार नहीं दिखाई दे रहा है, ऐसे में कंपनी अन्य विकल्पों पर विचार कर रही है।

सिंगापुर एयर के भारत में अधिग्रहण

मार्केट वैल्यू के हिसाब से दुनिया की प्रमुख विमानन कंपनियों में से एक सिंगापुर एयर अब भी चीन और भारत में अधिग्रहण पर नजर लगाए हुए है। सोमवार को यहां मीटिंग के दौरान कंपनी के सीईओ शे चोंग सेंग ने कहा कि वे अब भी विमानन उद्योग के एकीकरण के इच्छुक हैं। एक सप्ताह पहले ही सेंग ने कहा था कि चाइना ईस्टर्न में हिस्सेदारी खरीदने को लेकर बातचीत पर वे पुनर्विचार नहीं करेंगे।

सेंग ने इस बात का संकेत दिया कि सिंगापुर एयर की पिछले वर्ष सिंगापुर एयरलाइंस ने चीन की विमानन कंपनी चाइना ईस्टर्न में 24% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 92 करोड़ डॉलर का ऑफर दिया था।



   Bookmark and Share



अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: