मुंबई। विदेशी बाजार के कमजोर संकेतों और घरेलू बाजार में मुनाफावसूली के बाद भारतीय शेयर बाजार में साल की तीसरी बड़ी गिरावट दिखाई दी। बीएसई सेंसेक्स में जहां 438 अंकों की गिरावट दिखाई दी, वहीं निफ्टी में 157 अंक की गिरावट थी।
एक समय सेंसेक्स में 492 अंकों तक की गिरावट आ चुकी थी। सोमवार के सत्र के हाई से देखें तो सेंसेक्स में न्यूनतम से 590 का अंतर रहा था। बीएसई सेंसेक्स में गिरावट का दौर बाजार खुलने के कुछ सेकंड में ही शुरू हो गया था।
उसके कुछ देर बाद ही बाजार मुनाफे में आ गया। बाजार के लाभ की स्थिति ज्यादा देर बरकरार नहीं रह सकी। दोपहर में अस्थिरता का बोलबाला था तो सत्र के अंत में बाजार में तेजी से गिरावट आई। सोमवार को यूरोपीय बाजार में कमोडिटी और बैंकों के शेयर तेजी से गिरे।
क्या हुआ?
बीएसई सेंसेक्स 15,153.21 अंक पर खुलने के बाद 15,200.82 अंक की ऊंचाई तक चला गया था लेकिन बंद होते समय 14,665.92 पर आ गया। यह गिरावट 437.63 अंक की थी, जो करीब 2.90 फीसदी थी। एनएसई निफ्टी 4582.35 अंक पर खुलने के बाद 4611.40 की ऊंचाई तक चला गया था। बंद होते समय 4429.90 पर आ गया था। यह करीब 3.25 फीसदी की गिरावट थी।
क्या रहे कारण?
यूरोपीय चुनावों में कंजरवेटिव पार्टियों की बढ़त को देखते हुए वहां शेयरों में काफी गिरावट दिखाई दी।
एशियाई बाजारों का रुख मिश्रित था। जापान में शेयरों में तेजी आई। जापान में चालू खाते का सरप्लस अच्छा होने की खबरों के बाद कुछ सुधार था।
अमेरिका के शेयर बाजार में गिरावट दिखाई दी, क्योंकि कर्ज की लागत बढ़ने के अंदेशे में अर्थव्यवस्था का सुधार प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है।
क्या संभावना?
कारोबारियों का मानना है कि 88 फीसदी शेयरों में अच्छा मुनाफा हो रहा है। मुनाफावसूली करने वाले मौका नहीं छोड़ रहे। तकनीकी विश्लेषक निफ्टी में 4600 के स्तर पर एक करेक्शन की संभावना लेकर चल रहे हैं। लंबी अवधि में बाजार की अंडरटोन बुलिश है।
अंकशास्त्र
14,६६५.9२
अंक पर बीएसई सेंसेक्स बंद हुआ। यह पिछले बंद से 2.90 फीसदी बेहतर था।
४३७.६३
अंक की गिरावट बीएसई सेंसेक्स में दिखी। एक समय यह 492 तक गिर गया था।
4४2९.९क्
अंक पर एनएसई निफ्टी बंद हुआ, जो पिछले बंद के मुकाबले 3.42% कम था।