गर्मी का मौसम विदा हो रहा है और मानसून दस्तक देने ही वाला है। ऐसे में अगर आप व्यस्तता के चलते फैमिली के साथ समर वेकेशन टूर पर नहीं जा सके तो परेशान होने की जरूरत नहीं। भोपाल से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर ऐसे कई टूरिज्म स्पॉट्स हैं जहां के लिए अभी प्लानिंग की जा सकती है। इन स्पॉट्स पर बमुश्किल दो-तीन दिन का टूर ही आपको पूरी तरह रिलेक्स कर देगा।
सुहावने घाट..कलकल करती नदियां..ढलता सूरज और हरी-भरी वादियों में पंछियों के कलरव के साथ ठंडी बयार का मजा लेने के लिए अभी भी देर नहीं हुई है। शहर में और यहां से चंद दूरी पर ही कुछ ऐसे स्पॉट्स हैं जहां बची हुई छुट्टियों का आनंद परिवार के साथ लिया जा सकता है। शहर के आसपास स्थित इन सभी स्पॉट्स के लिए यातायात के सामान्य साधन आसानी से उपलब्ध हैं, साथ ही सभी स्पॉट्स पर रुकने व भोजन आदि की भी पर्याप्त व्यवस्था है। इन स्पॉट्स के लिए दो से तीन दिन तक का टूर बेहतर ऑप्शन है।
देलावाड़ी
शहर से 60 किमी दूर स्थित देलावाड़ी में जंगल कैंप का भरपूर आनंद उठाया जा सकता है। देलावाड़ी, रातापानी वाइल्ड लाइफ के अंतर्गत स्थित है। विंध्याचल पहाड़ियों से घिरे इस स्पॉट पर जंगल की खूबसूरती को नजदीक से देखा जा सकता है।
भोजपुर
राजधानी से 28 किमी दूर स्थित इस पर्यटन स्थल पर भारत का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित है जो परमार वंश के राजा भोज ने बनवाया था, इसे बेतवा नदी के किनारे स्थापित किया गया है। यहां पुरातन काल के कई अवशेष दर्शनीय हैं।
इस्लाम नगर
भोपाल से लगभग 18 किमी दूर स्थित इस्लाम नगर अफगान के शासक दोस्त मोहम्मद खान द्वारा बनवाया गया। यहां चमन महल और रानी महल दर्शनीय हैं। यहां स्थापित किला दोस्त मोहम्मद खान और गोंड महारानी कमलापति की मोहम्मद की यादें ताजा करता है।
भीम आसपास का सैर सपाटा बेटका
शहर से 36 किमी दूर स्थित इस पर्यटन स्थल पर महाभारतकाल की यादें ताजा हो जाती हैं। यूनेस्को द्वारा वल्र्ड हेरीटेज साइट घोषित किए जा चुके भीम बेटिका में 10 हजार साल पुरानी रॉक पेंटिंग्स पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। अलग-अलग तरीके से बनीं ये पेंटिंग्स उस समय की गतिविधियों की झांकी प्रस्तुत करती हैं।
रातापानी
शहर से लगभग 45 किमी दूर स्थित रातापानी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में जंगल के जीवन का भरपूर आनंद लिया जा सकता है। बाघ, तेंदुआ और बारहसिंगा जैसे जानवरों से भरी हुई यह सेंचुरी वाइल्ड लाइफ के शौकीनों के लिए स्वर्ग है।
वन-विहार
वन-विहार राष्ट्रीय उद्यान शहर की पहचान है। बड़ी झील से लगा हुआ यह उद्यान बाघों जैसे वन्य प्राणियों के लिए विख्यात है। 445 हैक्टेयर में फैले इस उद्यान में हर रोज सैकड़ों पर्यटक पहुंचते हैं।
मानव संग्रहालय
श्यामला हिल्स स्थित मानव संग्रहालय में जनजातीय आवास, नदी घाटी सभ्यता सहित कई प्रदर्शनियां और विभिन्न क्षेत्रों के आवास स्थापित किए गए हैं। यह जनजातीय परिदृश्य को समझने का बेहतरीन माध्यम है।