नई दिल्ली.
दुनिया के 70 से ज्यादा देशों में पैर पसार चुके स्वाइन फ्लू के मरीजों की भारत में लगातार बढ़ती संख्या चिंता का सबब बन गई है। क्या देश इस आफत का सामना करने के लिए तैयार है? एक विशेष रिपोर्ट..
आने वाले मानसून के सीजन में प्राकृतिक आपदाओं के साथ ही स्वास्थ्य अधिकारियों को एक और बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है और यह चुनौती है स्वाइन फ्लू की। डॉक्टरों का कहना है कि गर्म और नमी वाले वातावरण में इस जानलेवा बीमारी के वायरस एच1एन1 का तेजी से फैलाव हो सकता है।
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान में स्वाइन फ्लू की निगरानी शाखा के प्रभारी शशि खरे के अनुसार, ‘राहत की बात सिर्फ यही है कि इस वायरस की भारतीय नस्ल मेक्सिको, अमेरिका और कनाडा में फैले स्वाइन फ्लू वायरस से कहीं कम खतरनाक है। इसके अलावा अब तक स्वाइन फ्लू के अधिकांश मामले प्रभावित देशों से भारत आए यात्रियों में ही देखने को मिले हैं।’
तैयार हैं हम...
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि देश में स्वाइन फ्लू से निपटने की तैयारी पूरी है। देश में इस बीमारी के इलाज की एकमात्र दवा ओसेलटामिवीर (टैमीफ्लू) का भरपूर स्टॉक उपलब्ध है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वाइन फ्लू के खिलाफ वैश्विक स्तर पर पांचवें दर्जे का अलर्ट घोषित किया है, जिसे देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को हस्तक्षेप करने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाहियां भी कम नहीं
कोलकाता : सिंगापुर से 6 जून को लौटीं सुतपा भट्टाचार्य को एयरपोर्ट पर तैनात डॉक्टरों ने बेवजह एंबुलेंस में बिठाकर अस्पताल पहुंचा दिया। वहां सुतपा मच्छरों से भरे कमरे में गंदे बिस्तर पर दो घंटे तक डॉक्टरों का इंतजार करने के बाद वापस लौट गईं।
ऐसी है केंद्र की तैयारी
1 करोड़ टैमीफ्लू
2.5 लाख टैमीफ्लू कैप्सूल
18 हजार पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्वीपमेंट (पीपीई)
1 लाख मास्क
9 सवाल....
एच1एन1 क्या है?
अमेरिका में अप्रैल में सामने आया नया इन्फ्लूएंजा वायरस। इंसान से इंसान में फैलता है।
इसे स्वाइन फ्लू क्यों कहते हैं?
एच1एन1 वायरस के कई जीन्स उत्तरी अमेरिका में सुअरों में मिले इन्प्लूएंजा वायरस से मेल खाते हैं, इसलिए इन्हें स्वाइन फ्लू कहा गया। पर अब पता चला है कि ये वायरस एक-दूसरे से काफी अलग हैं।
कौन से लक्षण दिखते हैं?
बुखार, कफ, गले में सूजन, नाक बहना, सिर व बदन में दर्द, चक्कर आना, डायरिया, उल्टी होना।
एच1एन1 कैसे फैलता है?
संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से। वायरस संक्रमित वस्तु को छूने के बाद नाक या मुंह में हाथ रखने से।
संक्रमित व्यक्ति कब तक संक्रमण फैला सकता है?
एच1एन1 वायरस 2-8 घंटे में किसी को संक्रमित कर सकता है। संक्रमित व्यक्ति फौरन या लक्षणों के उभरने के दौरान सात दिन तक संक्रमण फैला सकता है। संक्रमित बच्चे ज्यादा समय तक संक्रमण फैलाते हैं।
पोर्क खाना क्या सुरक्षित है?
हां, क्योंकि एच1एन1 वायरस भोजन से नहीं फैलता। पका हुआ पोर्क खाना सुरक्षित है।
क्या पानी भी सुरक्षित है?
हां, नल का उपचारित पानी सुरक्षित है। स्वीमिंग पूल में नहाना भी सुरक्षित है।
एच1एन1 वायरस कैसे मरता है?
गर्मी (75-100 डिग्री सेंटीग्रेड), क्लोरीन, हाइड्रोजन परॉक्साइड, डिटर्जेट, आयोडीन वाले एंटीसेप्टिक और जेल वाले अल्कोहल से एच1एन1 वायरस नष्ट हो जाते हैं। इनसे अपने हाथों को धोना चाहिए।
क्या हो आपकी तैयारी?
भीड़भाड़ वाले इलाकों से परहेज करें। सर्दी-जुकाम, बुखार या खांसी के मरीजों के नजदीक न जाएं।
- लोगों से हाथ मिलाने, गले मिलने की कोशिश न करें।
- सार्वजनिक स्थलों पर थूकने से बाज आएं, छींकते, खांसते समय मुंह व नाक को रुमाल से ढंकें
- साबुन से हाथ धोते रहें
- सर्दी-जुकाम होने पर घर पर रहें
दवाओं, संसाधनों की कमी नहीं..
अहमदाबाद : टैमीफ्लू की 15000 गोलियां, 1000 पीपीई यूनिट्स, 2000 एन-95 रेस्पिरेटर्स, 11000 मास्क।
जयपुर : टैमीफ्लू की 10000 गोलियां, 500 पीपीई यूनिट्स, 500 एन-95 रेस्पिरेटर्स, 5000 मास्क।
पुणो : टैमीफ्लू की 20000 गोलियां, 2000 पीपीई यूनिट्स, 2000 एन-95 रेस्पिरेटर्स, 11000 मास्क।
बेंगलुरू : टैमीफ्लू की 10000 गोलियां, 500 पीपीई यूनिट्स, 500 एन-95 रेस्पिरेटर्स, 5000 मास्क।
फिलहाल प्राधिकरण ही देश में स्वाइन फ्लू के फैलाव और इससे निपटने के तरीकों पर निगाह रखे हुए है। केंद्र सरकार ने जरूरत पड़ने पर किसी इलाके की पूरी आबादी को अलग-थलग करने या घर-घर जाकर जांच व सैंपल इकट्ठे करने की रणनीति भी बनाई है। इससे बीमारी को रोकने के प्रति केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गंभीरता का आभास जरूर होता है, लेकिन क्या राज्य सरकारें भी इस मुद्दे पर इतनी ही जागरूक हैं?
संवेदनशील राज्यों में सूरते हाल
उत्तरप्रदेश : राजधानी लखनऊ और वाराणसी के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर प्रशिक्षित डॉक्टरों की टीम तैनात है। भारत-नेपाल सीमा पर जांच चौकियां बनाई गई हैं। संदिग्ध मरीजों को अलग-थलग करने का भी इंतजाम है। 13 जिलों में विदेशी यात्रियों की भारी संख्या में आमद को देखते हुए संवेदनशील घोषित किया गया है। इनमें आगरा, मथुरा, गाजियाबाद, वाराणसी और लखनऊ शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल : कोलकाता एयरपोर्ट पर अब तक 18 हजार से ज्यादा यात्रियों और हल्दिया बंदरगाह पर 2000 से ज्यादा लोगों और 98 जहाजों की जांच की गई है।
कर्नाटक : बेंगलुरू एयरपोर्ट पर सात मई को दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध लक्षण मिले थे। राज्य सरकार ने राजीव गांधी चेस्ट हॉस्पिटल समेत 13 अन्य अस्पतालों को स्वाइन फ्लू मरीजों के उपचार के लिए अधिकृत किया है।
केरल : राज्य के तीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में सवा दो लाख से अधिक यात्रियों की जांच हो चुकी है। 18 संदिग्ध मरीज मिले।
महाराष्ट्र : मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल में तीन संदिग्ध मरीज अभी दाखिल हैं। अब तक 19 संदिग्धों में 15 को छुट्टी मिल चुकी है। एयरपोर्ट और नवी मुंबई बंदरगाह पर स्वास्थ्य अधिकारी मुस्तैद हैं।
स्वाइन फ्लू का फैलाव
एच1एन1 वायरस अब तक 73 देशों में 25000 लोगों को बीमार कर चुका है। इनमें से 138 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है।
दिल्ली : विनीता पांडे, चेन्नई : राम राज, हैदराबाद : केवी रामन्ना, लखनऊ : दीपक गिडवानी, कोलकाता : मधुमिता मुखर्जी, तिरुवनंतपुरम : डॉन सेबेस्टियन, बेंगलुरू : नीरद कुमार, मुंबई : सुमित्रा देब रॉय।)
इन लक्षणों पर गौर करें
बच्चों में - सांस तेज चलना, सांस लेने में तकलीफ, त्वचा पर चकत्ते या भूरापन, प्यास न लगना, लगातार उल्टियां, चिड़चिड़ापन, बातचीत न करना।
वयस्कों में - सांस तेज चलना, सांस लेने में तकलीफ, छाती या पेट में दर्द, अचानक चक्कर आना, लगातार उल्टियां, बुखार के साथ फ्लू जैसे लक्षण।
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