धोनी की आलोचना ठीक नहीं
धोनी की आलोचना ठीक नहीं
एजेंसी. Thursday, June 11, 2009 13:48 [IST]  

- बायकॉट की कलम से

boycott टूर्नामेंट से बाहर निकल कर ऑस्ट्रेलिया ने यह दिखा दिया कि वे ट्वेंटी-20 फॉर्मेट के अनुरूप खुद को ढालने में लगातार विफल रहे हैं।

उनकी टीम में बहुत सारे टेस्ट खिलाड़ी है जो यह नहीं समझते कि यह फॉर्मेट टेस्ट से एकदम अलग है। रिकी पोंटिंग, माइकल क्लार्क और माइक हुसी जैसे अच्छे टेस्ट बल्लेबाज मैच को स्लो कर रहे है। ऑस्ट्रेलिया का गंेदबाजों का चयन भी गलत है। ब्रेट ली एक अनुभवी टेस्ट गेंदबाज है पर ट्वेंटी-20 में लेंथ बॉल फेंक कर ज्यादा रन देता है।

इसके विपरीत इस फॉर्मेट में इग्लैंड के भीतर अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता है। उन्होंने राइट और बोपारा से शुरूआत करवा कर बुद्धिमानी की। भारत का सवाल है, भारतीय मीडिया का कहना है कि भारतीय टीम में सब कुछ ठीक नहीं है।

धोनी ने भारतीय क्रिकेट को अपना मूल्यवान योगदान हमेशा दिया है और उसकी समालोचना करना ठीक नहीं है। पीटरसन एक अनुभवी ट्वेंटी-20 का खिलाड़ी है और मुझे उम्मीद है कि वह कल के मैच में अपनी योग्यता के अनुरूप अच्छा खेलेगा। (गेम प्लान)


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