मुंबई. मुंबई के लोगों का आठ साल का लंबा इंतजार दूर होने जा रहा है और बांद्रा - वर्ली सी लिंक परियोजना को इसी माह खोले जाने की योजना बन चुकी है। इस पुल का निमार्ण का जिम्मा हिंदुस्तान कंस्ट्रकशन कंपनी लिमिटेड एचसीसी को दिया गया था। हालांकि यह पुल 2004 में ही तैयार हो जाना था लेकिन पर्यावरण के कुछ प्रमुख बातों को ध्यान में रखकर कुछ बदलाव के बाद इस पुल का निमार्ण किया गया है।
35 मिनट का रास्ता 7 मिनट में होगा पूरा
बांद्रा वर्ली सी लिंक पूरा हो जाने के बाद जो रास्ता 35 मिनट में पूरा होता था वह मात्र 7 मिनट में पूरा हो सकेगा। इस सी लिंक के चालू हो जाने के बाद माहिम क्रिक से 80 फीसदी ट्रैफिक का बोझ कम हो जाएगा। दूरी कम हो जाने से एक अनुमान के मुताबिक लगभग १क्क् करोड़ रुपए की बचत होगी।
1600 सौ करोड़ की लागत
लगभग 1600 सौ करोड़ की लागत इस पुल को तैयार करने में कर्च हो चुकें है और जानकारीं के अनुसार इस पुल का अभी पहला चरण ही तैयार हुआ बताया जा रहा है जिसे इस माह के अंतिम सप्ताह में शुरु कर दिया जाएगा।
बांद्रा वर्ली सी लिंक पुल एक नजर में :
1. आठ लेन का पुल, जिसमें दो लेन केवल बसों के लिए होंगे
2. 5.6 किलोमीटर 1 मिल लंबा
3 इस ब्रिज में 2,250 किलोमीटर की मजबूत स्टील की छड़े उपयोग में लाई गई है।
4 जिस टॉवर से केबल वॉयर जुड़े हैं वह लगभग 126 मीटर लंबा है जो कि 43 मंजिला ऊंची बिल्डंग के बराबर आंका जा सकता है।
5 पुल से हर दिन लगभग एक लाख 30 हजार गाड़ियों के गुजरने की संभावना है।
30 साल तक लगेगा टोल टैक्स, रोजाना 80 लाख की होगी कमाई
इस सी लिंक पर जहां आपका रास्ता कम समय में तय हो सकेगा वहीं आपको अगले तीस साल तक टोल टेक्स भी देना होगा। जानकारीं के अनुसार इस पुल पर आवागमन शुरु हो जाने के बाद सरकार को रोजाना टोल टैक्स के रुप में 80 लाख रुपए की कमाई होने का अनुमान है।
टोल टैक्स की दरों का निर्धारण 2003 की दरों के आधार पर होगा हालांकि इसमें पांच प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करके नया टोल टैक्स लिया जाएगा:
2003 में क्या थी दर
कार का टोल टैक्स : 30 रुपये
बस का टोल टैक : 60
2009 में इसमें पांच फीसदी की बढ़ोत्तरी कर के टोल टैक्स लिया जाएगा
कार मालिकों से टोल टैक्स लिया जाएगा = 50 रुपये
बस मालिकों से टोल टैक्स लिया जाएगा : 80 रुपये
बाइक सवार नहीं चला सकेगें पुल पर गाड़ी
बांद्रा वर्ली सी लिंक पर बाइक चलानें पर प्रतिबंध रहेगा क्योंकि समुद्र में चलने वाली तेज हवाओं के कारण असंतुलन की स्थिति हो सकती है और दुर्घटना मुक्त श्रेत्र रखने के लिए बाइक सवारों को पुल पर गाड़ी चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।





