तिरुवनंनतपुरम. भारत निर्मित उपग्रह ‘चंद्रयान’ ने सफलतापूर्वक अपना अभियान पूरा कर लिया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष जी. माधवन नायर ने शनिवार को बताया कि चंद्रयान ने चंद्रमा की पूरी सतह का परीक्षण कर लिया है और उसके द्वारा भेजे गए आंकड़ों के निष्कर्र्षो का जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने जुलाई-अगस्त में एक अन्य उपग्रह ‘ओशियनसैट’ लांच करने की जानकारी दी।
ंनायर ने बताया कि चंद्रमा पर जल होने का पता नहीं लगा है, लेकिन वहां मैग्नीशियम व कैल्शियम होने की जानकारी मिली है। उन्होंने ‘ओशियनसैट’ के बारे में बताया कि इस विशिष्ट अभियान में समुद्र की सतह, हवा के साथ उन जलक्षेत्रों का पता लग सकेगा, जहां मछलियां पकड़ी जा सकती हैं। नायर ने बताया कि 2015 तक भारत मानव को अंतरिक्ष में भेजने में सक्षम हो जाएगा।
2007 में ‘स्पेस कैप्सूल रि-इंट्री एक्सपेरिमेंट’ की सफल लांचिंग इस दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम था। दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन तिरुवनंतपुरम के एयरोनॉटिक सोसाइटी ऑफ इंडिया ने किया था।