ज्यूरिख. ऐसी संभावना है कि खगोलविदों ने अपने मिल्कीवे (आकाशगंगा) की नजदीकी आकाशगंगा एंड्रोमीडा में पहला ग्रह ढूंढ निकाला है। यह बृहस्पति ग्रह से 6-7 गुणा बड़ा है। मिल्कीवे में विभिन्न तरीकों से 300 ग्रहों की खोज की जा चुकी है। ज्यूरिख यूनिवर्सिटी की टीम के खगोलविदों ने इस बार ग्रैवीटेशनल माइक्रोलैंसिंग द्वारा इसे ढूंढा है।
खगोलविद देखना चाहते थे कि क्या यह तरीका एंड्रोमीडा में भी लागू होता है या नहीं। जैसे ही किसी सितारे के नजदीक से कोई चीज गुजरती है तो उस चीज का गुरुत्वाकर्षण सितारे के प्रकाश को अपनी ओर मोड़ लेता है जिससे सितारा बड़ा दिखने लगता है। फिलिप जैटजर और उनके सहयोगियों ने मॉडल तैयार किया जिससे यह देखा जा सके कि एंड्रोमीडा (जो 20 लाख प्रकाश वर्ष दूर है) में बृहस्पति जैसे ग्रह आने वाले प्रकाश को कैसे प्रभावित करते हैं।
उनके नतीजे एंड्रोमीडा में वर्ष 2004 में एक टीम द्वारा किए गए प्रयोग के नतीजों जैसे निकले। उस टीम में भी जैटजर शामिल थे। उस प्रयोग के नतीजों के समय उन्होंने सोचा था कि शायद दो सितारों की खोज हुई है लेकिन इन नतीजों से पता चलता है कि ये जुड़े हुए दो सितारे नहीं है बल्कि एक ऐसा ग्रह है जो बृहस्पति से 6-7 गुणा बड़ा है। ओहायो यूनिवर्सिटी के प्रोफैसल एंड्रयू गोल्ड केमुताबिक, ‘यह एक ग्रह हो सकता है। यह दुर्भाग्य की बात है कि ग्रैवीटेशनल माइक्रोलैंसिंग तरीका अनियमित रूप से काम करता है। इसलिए हमें शायद इस ग्रह के बारे में कुछ और पता लगाने में ज्यादा समय लग जाए।’