रफ्तार के नए वाहक
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रफ्तार के नए वाहक
भास्कर नेटवर्क. Sunday, June 14, 2009 12:00 [IST]  

- अंदाज नयाः शहला फाइज

लक्जरी का जिक्र हो और कारों की बात न आए तो किस्सा अधूरा सा लगेगा। आपकी शानदार लाइफ स्टाइल में और ज्यादा रौनक बिखेरने के लिए कारों का नया काफिला नए रंग और नए मॉडल्स के साथ हाजिर हो चुका है।

चीन का ड्रैगन भारतीय कार बाजार में प्रवेश करने के लिए ज्वॉइंट वेंचर की तलाश में है। चीन लंबे समय से हमारे यहां अपने बेहतरीन मॉडल उतारने की कोशिश में है।

fiat एक अनुमान के मुताबिक इस वर्ष कारों के 50 नए मॉडल बाजार में लांच होंगे, जिससे भारत दुनिया का सबसे ज्यादा बढ़ता हुआ कार बाजार बनकर उभरेगा। पिछले साल भारतीय कार बाजार में आई भारी गिरावट के बावजूद कई देशी-विदेशी कार निर्माता नए मॉडल्स को लांच करने के लिए तैयार हैं।

कारें जो होंगी जलवाफरोश

सुजुकी की रिट्ज और होंडा जैज का अवतार देखने के बाद फिएट लीनिया के आगाज के लिए तैयार हो जाइए। ज्ञात हो कि गाड़ियों के इस नए सफर की शुरुआत जनवरी में आई महिंद्रा जायलो से हुई थी। इस सिलसिले में इस महीने भी कुछ नए मॉडल पहियों के कद्रदानों को लुभाने आ रहे हैं। ऑडी क्यू 5 और शेवरले स्पार्क का नया वर्जन इसी महीने नजर आने वाली श्रेणी में है। वहीं अगले महीने से टाटा नैनो की एक लाख कारें भी सड़क पर रफ्तार पकड़ती नजर आएंगी।

बड़ी लांचिंग्स

प्रीमियम कार बाजार में कुछ दिनों पहले लांच हुई होंडा जैज, स्कॉडा फेबिया, मारुति स्विफ्ट और हुंडई आई ट्वेंटी को कड़ी टक्कर देने वाली है। वैसे हुंडई मोटर्स जल्द ही अपनी इलेंट्रा को सिडान से बदलने वाली है, वह सेंटा एफई के नाम से एक एसयूवी भी बाजार में लाएगी। फिएट की ग्रांडे पुंतो व ब्रेवो और टाटा की इंडीक्रूज, जो इंडिका और इंडिका विस्ता की तर्ज पर बनी है, भी आने वाली है।

वॉक्सवेगन पुणो के अपने नए प्लांट से स्कॉडा येटी और रूमस्टर बनाने वाली है। वहीं रिनॉल्ट और निसान का ज्वॉइंट वेंचर मेगाने के नाम से ग्राहकों के सामने लाया जाएगा। यह दोनांे ही कंपनियों की पूर्व में सफल रही गाड़ियों का मिश्रित रूप होने की संभावना बनता दिख रहा है।

maruti लक्जरी कार बाजार वर्ष 2009 में लक्जरी कार सेगमेंट की बीएमडब्लू-7 सीरीज, मर्सडीज बेंज-ई क्लास और फिएट की अल्फा रोमियो 159 लक्जरी के शौकीनों के लिए बाजार में उपलब्ध होंगी।

खास विशेषज्ञ बता रहे हैं कि इस बार कार बाजार में 6 फीसदी की बढ़त देखी जाएगी। ऑटोमोबाइल पत्रिका ऑटोकार प्रोफे शनल के शापुर कोटवाल के अनुसार, ‘अब भी भारतीय कार बाजार में कारों की संख्या दुनिया के दूसरे देशों से काफी कम है। इसीलिए कार निर्माता कंपनियां ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा विकल्प देने के उद्देश्य से मैदान में उतर रही हैं।’

वह कहते हैं ‘भारत के अलावा इस वक्त कार मार्केट ने सबसे ज्यादा गति चीन में पकड़ी हुई है।’ दूसरी तरफ गाड़ी डॉट कॉम के विवेक पाहवा का कहना है ‘नई कार लांच होने की आवृत्ति पहले के दो साल के मुकाबले अब दो महीने पर आ चुकी है।’

टॉप पर है मारुति

सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल्स मैन्युफै क्चर्स (एसआईएएम) के मुताबिक ज्यादातर कार निर्माताआंे ने गुजरे साल कारों की बिकवाली में कमी महसूस की। इसलिए अब बाजार में बने रहने के लिए विभिन्न विकल्पों वाले मॉडल बाजार की रौनक बढ़ाने के लिए तैयार किए गए हैं। अमेरिका की जनरल मोटर्स ने भले ही खुद को दीवालिया घोषित कर दिया हो, फिर भी वह अपनी ही शेवरले स्पार्क से कम कीमत की कार लाएगी। इस बीच खुशी की बात यह है कि भारत निर्मित मारुति बिक्री के आंकड़ों में सबसे आगे रही। पिछले साल मारुति सात लाख कारें बेचकर लीडर बनकर उभरी है।

tata nano भारत से निर्यात होने वाली कार

प्रोडक्शन को बढ़ाने के लिए भारत के कई कार निर्माता अपनी कारों को निर्यात करते हैं। मारुति सुजुकी अपने मॉडल मारुति 800, ऑल्टो, सुजुकी ओमनी, वैगन-आर और जेन एस्टिलो को निर्यात करती है। हुंडई सेंट्रो, आई 10, हुंडई गैट्ज, हुंडई आई ट्वेंटी और एसेंट को मिलाकर कंपनी अपने प्रोडक्शन का 42 फीसदी निर्यात कर देती है। टाटा मोटर्स टाटा सफारी और महिंद्रा मोटर्स महिंद्रा स्कॉर्पियो और पिकअप निर्यात करते हैं।

तीसरे नंबर पर भारतीय बाजार!

भारतीय कार बाजार दुनिया का सबसे तेज बढ़ने वाला बाजार बन गया है। एक अनुमान के मुताबिक घरेलू बाजार में बिक रही कारों की संख्या वर्ष 2010 तक दोगुनी हो जाएगी। सरकार की योजना है कि वह 2016 तक 145 मिलियन डॉलर की ऑटो इंडस्ट्री तैयार कर लेगी। अमेरिका की लासेल एसोसिएट्स ने भविष्यवाणी की है कि 2030 तक भारत ऑटो मार्केट मंे चीन और अमेरिका के बाद तीसरे नंबर पर होगा।

चीन की तैयारी

लाल ड्रैगन भारतीय कार बाजार में पैठ बनाने की कोशिश में है। इसकी चैरी ऑटोमोबाइल्स और ग्रेटवॉल मोटर्स जल्द ही भारतीय कार बाजार में कदम रखने की कोशिश में हैं। चीन, अमेरिका और यूरोप के बजाए हिंदुस्तानी कार बाजार पर निगाह लगाए हुए है।


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