विद्या बालन अलग-अलग तरह के किरदार निभा रही हैं। इनमें सीधी-सादी और ग्लैमरस लड़की, दोनों तरह के रोल हैं। विद्या अपने हिसाब से ही काम करती हैं। वे तन उघाड़कर सेक्सी दिखने से ज्यादा लिबास में लिपटी सेंसुअल दिखना चाहती हैं..
परिणीता में अपनी प्रतिभा और देसी सौंदर्य का जादू चलाने के बाद विद्या बालन ने ‘लगे रहो मुन्नाभाई’, ‘हे बेबी’ और ‘क़िस्मत कनेक्शन’ आदि में विविध भूमिकाओं के ज़रिए हरफ़नमौला छवि बनाने की कोशिश की है। विज्ञापनों और धारावाहिकों से विद्या का अभिनय सफ़र आज फिल्म ‘पा’ में अमिताभ बच्चन की ‘मां’ बनने तक पहुंच गया है। हाल ही में वे मुंबई की म्यूजियम आर्ट गैलरी में किरण चोपड़ा की पेंटिंग प्रदर्शनी का उद्घाटन करने पहुंचीं। इसी अवसर पर विद्या से हमारी बातचीत हुई:
* किरण चोपड़ा से किसी तरह का जुड़ाव है या आप कला के आकर्षण में खिंची चली आई हैं?
- दोनों ही बातें हैं। किरण जी मेरी कॉलेज की ख़ास फ्रेंड रितु की मां हैं और मुझे हर तरह की कला पसंद है, इसलिए मैं यहां आई हूं। मैं रितु के पास जाती थी, तो किरण जी को चाक़ुओं से रंग भरी कलाकारी करते देख बड़ी हैरान होती थी।
* सलमान, सैफ़ की तरह क्या आपको भी पेंटिंग का शौक़ है?
- तस्वीरें बनाने का शौक़ तो नहीं है, पर मैं अच्छी पेंटिंग की सराहना और तारीफ़ तो कर ही सकती हूं।
* जॉन और शाहिद कपूर, दोनों के साथ आपके लिंकअप की चर्चा रही है। आप वाक़ई में किससे सच्च प्यार करती हैं?
- मैं तो सबसे प्यार करती हूं। अपने ईश्वर, माता-पिता, फ्रेंड्स, बहन, गुरु, अपने सह-कलाकारों, सबके साथ मेरे आत्मीय रिश्ते हैं। मैं प्यार को कई रूपों में देखती हूं और मानती हूं। सिर्फ़ आप लोग ही एक तरह के प्यार को देखते हैं (मुस्कान के साथ चेहरा बनाकर कहती हैं)।
* ‘क़िस्मत कनेक्शन’ में ग्लैमरस भूमिका के बावजूद आप काफ़ी मर्यादित रहीं..
- हां, मैं तन उघाड़कर सेक्सी दिखने से •यादा लिबास में लिपटी सेंसुअल दिखना चाहूंगी। क्या पहले की हीरोइनें साड़ी और सलवार-कुर्ता पहनकर ग्लैमरस और सेक्सी नहीं दिखती थीं?
* विशाल भारद्वाज के प्रोडक्शन की फिल्म ‘इश्क़िया’ के लिए आपकी मेहनत की बड़ी तारीफ़ हो रही है..
- यह एक अच्छी फिल्म है, जिसमें सभी कलाकारों के अच्छे रोल हैं। ‘परिणीता’ के बाद मुझे यह एक ऐसी फिल्म मिली है, जिसमें सभी चरित्र बड़े स्ट्रांग हैं। नसीर जी जैसे अभिनेता के साथ मुझे काम करने का मौक़ा मिला है, तो मेहनत तो करनी पड़ेगी। इसके लिए मैंने उत्तरप्रदेश के गोरखपुर क्षेत्र की बोली सीखी। वहां का लहजा पकड़कर अभिनय किया है।
* रोल के बारे में बताएंगी?
- इसमें मैं एक देहाती, पर तेज़-तर्रार लड़की बनी हूं। नसीर जी और अरशद वारसी इसमें चालाक चाचा-भतीजा बने हैं। मैं जब इनके संपर्क में आती हूं, तो धमाल होता है।
* नसीर के बाद अमिताभ के साथ भी दर्शक आपको पावरफुल रोल में देखेंगे?
- जी हां, ‘पा’ में मैं अमित जी की मां का रोल कर रही हूं। आप अंदाज़ा लगा सकते हैं, यह कैसा किरदार होगा। अभिषेक बच्चन मेरे पति की भूमिका में हैं। फिल्म बड़ी अच्छी बनी है। ‘चीनी कम’ के बाद निर्देशक आर.बाल्की की यह दूसरी फिल्म है।