- श्रीनाथ की कलम से
वेस्टइंडीज की तेज गेंदबाजी से युवराज को छोड़कर कोई भी भारतीय बल्लेबाज विश्वास के साथ नहीं खेल सका। एडवर्डस व जेरोम टेलर ने अपनी गति व बाउंस से भारतीय बल्लेबाजों का आउट होना चिंता का विषय है तथा भारतीयों को इस पर विचार करना होगा।
युवराज के धुंआधार प्रदर्शन को छोड़कर शेष बल्लेबाजों का प्रदर्शन बहुत लचर रहा। शुरू के आठ ओवरों तक भारतीय गेंदबाजी काफी कसी हुई थी। गेल स्पिनर्स की रणनीति का शिकार हुए व इसका श्रेय हरभजन के कसे हुए स्पेल को जाता है। लेकिन ब्रावो की ऑफ साइड स्ट्रोक मारने की रणनीति कामयाब हुई व उसने वेस्टइंडीज को सफलता दिलाई।
वेस्टइंडीज व द. अफ्रीका फायदे की स्थिति मे ंहै, क्योंकि दोनों ही अपने प्रारंभिक मुकाबले जीत चुके हैं। भारत व इंग्लैंड दोनों के ही ऊपर अगले दोनों सुपर 8 मुकाबले जीतने का दबाव है। लेकिन यह भी सच है कि दबाव में टीमें अपने प्रदर्शन में सुधार करती है।
जहां तक भारत का सवाल है वे इस प्रकार की स्थिति का सामना पूर्व में भी कर चुके हैं। यदि भारतीय बल्लेबाज अपने खेल में सुधार करने में सफल होते हैं तो वे अंतिम चार में पहुंच सकते है।