संजय गुप्ता की आफबीट फिल्म ‘पंख’ करते हुए बिपाशा को बहुत कुछ सीखने को मिला। इस फिल्म में बिपाशा का रोल कुछ हटकर है। जिसमें एक ऐसे लड़के की बात है, जिसमें उसकी मां फिल्म में काम दिलाने के लिए बतौर लड़की पेश करती है। इस फिल्म के लिए बिपाशा लगातार मेहनत कर रही है। फिल्म की शूटिंग के दौरान बिपाशा ने जो जहमत उठाई, वह भी दाद देने लायक है।
हुआ यूं कि इस फिल्म की डबिंग के लिए वह जब भी आराधना स्टूडियो जाती, उसका गला बैठ जाता। डबिंग रद्द कर दी जाती। ऐसा एक बार नहीं पूरे 6 बार हुआ। अंत में यूनिट के सदस्यों को लगा कि हो न हो, इस स्टूडियो में ही कुछ गड़बड़ है, चुनांचे इस बार डबिंग किसी अन्य स्टूडियो में रखी गई, आश्चर्य इस बार बिपाशा का गला नहीं बैठा और डबिंग बिना किसी अवरोध के पूरी हो गई।
किसी डबिंग के लिए सात बार तैयार होने की बिपाशा के जीवन की यह पहली घटना है। इस फिल्म के डायरेक्टर से बिपाशा इतनी अधिक प्रभावित है कि उसकी आगामी फिलम ‘सोनागाछी’ में वेश्या की भूमिका करने के लिए बिप्स गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है।