फिल्म समीक्षा: पेइंग गेस्ट
लेखन औन निर्देशन : पारितोष पेंटर
निर्माता: राजू फारुकी
कलाकार: श्रेयस तलपडे, जावेद जाफरी, आशीष चौधरी, वत्सल सेठ ,नेहा धूपिया, रिया सेन जॉनी लीवर
संगीत : साजिद -वाजिद
बैनर : मुक्ता आर्ट्स
बॉक्स ऑफिस की खिड़की पर हास्य प्रधान फिल्मों को सफलता की गारंटी की तरह माना जाता है और पेंइग गेस्ट भी उसी श्रेणी की फिल्म है। एक ऐसी फिल्म जिसकी कहानी में दम भले ना हो पर संवाद लेखन, कलाकारों के बेहतर अभिनय से दर्शक हसने पर मजबूर हो जाता है। युवा निर्देशक पारितोष पेंटर ने फिल्म मंे हास्य का पुट लाने में सफल रहे है और श्रेयस तलपडे और जावेद जाफरी ने लड़कियों वाले गेटअप में कमाल का अभिनय किया है।
फिल्म चार दोस्तों (श्रेयस, जावेद,आशीष,वत्सल) की जिंदगी पर आधारित है। इनकी क्रेजी हरकतों के कारण न केवल इनकी नौकरी जाती है बल्कि किराए का मकान भी हाथ से निकल जाता है। नए ठिकाने की तलाश में इन चारों दोस्तों में से दो (श्रेयस, जावेद) को युवतियों वाला गेट अपनाना पड़ता है। नए मकान मालिक के घर में करीना और करिश्मा के रुप में दोनों अपनी पहचान बनाकर पहुंचते है और इसके बाद फिल्म में हास्य के कई पुट आते है।
श्रेयस लड़की के गेटअप में बेहद खूबसूरत लगे है वहीं जावेद ने भी लड़की वाले गेटअप में हंसी की फुहार फैलाने का काम किया है। पूरी फिल्म में वत्सल सेठ और आशीष चौधरी ने संवाद अदायगी में कमाल का काम किया है। नायिकाओं को फिल्म में करने के लिए कुछ खास नहीं था और नेहा धूमिया,सेलिना जेटली, रिमा सेन से ज्यादा क्रेज तो श्रेयस तलपडे का नायिका वाला गेटअप का रहा है। जॉनी लीवर, दिलनॉज और चंकी पांडे ने अपनी छवि के अनुरूप काम किया है।
साजिद -वाजिद ने इस हास्य फिल्म में जैक एंड जिल गाने में प्रयोग करने का प्रयास किया है लेकिन संगीत के स्तर पर फिल्म कुछ खास उम्मीद नहीं जगाती है। लेकिन इस हास्य फिल्म में कहानी खोजने का प्रयास करना बड़ी भूल होगी क्योंकि कहीं का रोड़ा कहीं जोड़ा गया है और यह सब हॉस्य का पुट लाने के लिए निर्देशक ने ऐसा किया है।मंदी के इस माहौल में दो इंच की मुस्कान लाने के लिए पेइंग गेस्ट रुपी हास्य का पिटारा सफल नजर आता है। और करीना - करिश्मा (श्रेयस, जावेद)की जुगलबंदी दर्शकों को लुभाने का दम रखती है।
रेटिंग : ***