मुंबई. बॉलीवुड अभिनेता शाइनी आहूजा मामले की सुनवाई अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी। शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता में यह घोषणा करते हुए कहा कि ट्रांसफर की औपचारिकता जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। इससे पहले राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास ने शाइनी जैसे हाईप्रोफाइल मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट की जरूरत पर जोर दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में पहले से तय सरकारी नियम के अनुसार पीड़ित महिला के पुनर्वास के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। शुक्रवार को गिरिजा व्यास के नेतृत्व में महिला आयोग का तीन सदस्यीय दल तीन दिवसीय दौरे पर मुंबई पहुंचा। आयोग ने शाइनी के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराने वाली नौकरानी और उसके पिता संजय जोशी से मुलाकात की। साथ ही शाइनी की पत्नी अनु आहूजा और मामले की जांच कर रहे पुलिस कर्मियों से भी जानकारी हासिल की।
धारा 164 के तहत दर्ज हो बयान
महिला आयोग की अध्यक्ष ने दुष्कर्म मामलों में पीड़ित महिला का बयान धारा १६४ के तहत अतिशीघ्र मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराने की मांग करते हुए कहा, ‘न तो मुंबई के मामले में इस धारा के तहत बयान दर्ज हुआ न ही गुजरात या भोपाल में हुए गैंगरेप के मामले में बयान दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि अक्सर ऐसे मामलों में देरी होने पर शिकायतकर्ता कई कारणों से पुलिस के समक्ष दिए गए बयानों से कोर्ट में मुकर जाते हैं।
भूमिगत हुई शिकायतकर्ता नौकरानी
शाइनी आहूजा पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली उनकी नौकरानी को ओशिवरा पुलिस ने अज्ञात जगह पर सुरक्षित रखा है ताकि इस हाई प्रोफाइल मामले को किसी भी प्रकार से प्रभावित न किया जा सके। पीड़ित नौकरानी इस वक्त न तो मुंबई में है और न ही वसई में रहने वाले अपने रिश्तेदार के घर। पुलिस ने रायगढ़ जिले के उसके परिजनों को भी कुछ दिनों के लिए अज्ञात स्थान पर रहने की सलाह दी है। नौकरानी के पिता संजय जोशी ने आशंका जताई है कि शाइनी का परिवार अपनी पहुंच के बल पर मेडिकल रिपोर्ट के साथ छेड़छाड़ करा सकता है।
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