आगरा. अखिल भारतीय स्टेट बैंक अधिकारियों के संघ ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय और एकीकरण का विरोध करते हुए कहा है कि इससे देश में बैंकिंग गतिविधियों पर विपरीत असर पड़ेगा। संघ ने बैंक अधिकारियों के लिए 15 फीसदी वेतन वृद्धि की पेशकश को भी अपर्याप्त बताया है और अधिकारियों के वेतन में 30 फीसदी बढ़ोतरी किए जाने की मांग की है।
संघ के महासचिव जीडी नदफ ने शनिवार को कहा कि बैंक अधिकारी एक और पेंशन के विकल्प की मांग कर रहे हैं। इसके लिए वह 6 हजार करोड़ रुपए के अतिरिक्त फंड में 1,800 करोड़ रुपए का अंशदान देने को राजी हैं।
संघ के अध्यक्ष टीएन गोयल ने कहा कि इंडियन बैक एसोसिएशन (आईबीए) के साथ पहले हुआ वेतन समझौता 31 अक्टूबर 2007 को समाप्त हो चुका है। नवंबर 2007 से अब तक नया वेतन समझौता नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि चारों बैंक अधिकारियों के संगठनों ने अपनी संयुक्त मांगें 29 अक्टूबर 2007 को आईबीए को सौंप दी थीं। लेकिन अभी इस बारे में कोई प्रगति नहीं हुई है। अधिकारी संगठन 30 फीसदी वेतन वृद्धि से कम कुछ भी स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।
उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले शुक्रवार को ही स्टेट बैंक आफ इंदौर के निदेशक मंडल ने एसबीआई में विलय के प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी थी। इंदौर बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों ने निदेशक मंडल के इस फैसले का विरोध किया है।