- श्रीनाथ की कलम से
दो एशियाई टीमों के फाइनल में पहुंचने पर क्रिकेट की दुनिया में सभी हैरान हैं। हालांकि टी-20 फॉर्मेट इंग्लैंड में शुरू किया गया था, पर पश्चिमी देशों के मुकाबले एशियाई देश आगे निकल रहे हैं, क्योंकि वे इस फॉर्मेट को बहुत अच्छी तरह से समझ गए हैं। बल्लेबाजों का इस शैली में बहुत महत्व होता है।
एशियाई खिलाड़ी कलात्मक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान के अच्छे प्रदर्शन का श्रेय आफरीदी को जाता है। अंत में उमर गुल के यॉर्कर का भी टीम की सफलता में योगदान रहा। मेरे हिसाब से लगातार सफलतापूर्वक यॉर्कर फेंकने में माहिर गुल मैन ऑफ मैच होने चाहिए थे।
दूसरे सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रीलंका की जीत का श्रेय दिलशान को जाता है, जो बेहद क्रिएटिव खिलाड़ी हैं। जब बाकी बल्लेबाज अच्छे स्कोर के लिए संघर्ष करते रहे, उस समय दिलशान ने पूरे आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया।