वाशिंगटन। खगोल विज्ञानियों ने अंतरिक्ष में सबसे पुराने और दूरस्थ कार्बन को खोज निकाला है। विज्ञानियों का दावा है कि यह इतनी मात्रा में नहीं है कि इससे उन सिद्धांतों को समर्थन हासिल हो सके, जो यह बताते हैं कि अंतरिक्ष कैसे प्रकाशित हुआ था।
शुरुआत में अंतरिक्ष में प्राकृतिक हाइड्रोजन गैस की धुंध छाई हुई थी। ग्रह वैज्ञानिकों का मानना है कि पहले तारे के अस्तित्व में आने के साथ ही यह धुंध साफ हो गई थी। तारे में पैदा होने वाले कार्बन और उससे निकलने वाली रोशनी के बीच गहरा संबंध होता है।
हालांकि एक अंतरराष्ट्रीय दल इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि 13 अरब वर्ष पुराना यह कार्बन और बड़े-बड़े तारों की संख्या भी धुंध को हटाने के लिए पर्याप्त नहीं थे। दल का नेतृत्व करने वाली स्विनबर्न यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नालॉजी की डॉ. एम्मा रेयान वेबर ने कहा, ‘इसका मतलब यह है कि प्रकाश कहीं और से आया होगा। धुंध को हटाने के लिए तारों की बहुत अधिक रोशनी की आवश्यकता पड़ती है।’