लंदन. अगली बार जब आपको अपनी बात मनवानी हो, तो लोगों के दाएं कान में कहिएगा। इटली के शोधकर्ताओं का दावा है दाएं कान में कही बात का असर होता है। हालांकि आमतौर पर लोग अपनी बात दूसरों के बाएं कान के बजाए दाएं कान में ही कहना पसंद करते हैं।
इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ गैब्रियल द’एनंजियो के तीन अध्ययनों में खुलासा हुआ है कि मस्तिष्क की गोलाई में असमानता का लोगों के रोजमर्रा व्यवहार पर असर पड़ता है। प्रमुख शोधकर्ता लुका तोमासी के मुताबिक, विशेष तौर पर वार्तालाप को सुनने के मामले में दायां कान बाएं की अपेक्षा प्रभावी भूमिका निभाता है। साथ ही, मस्तिष्क का बायां हिस्सा वार्तालाप से संबंधित सूचना ज्यादा प्रभावी तरीके से ग्रहण करता है।
कैसे किया शोध
पहला अध्ययन - नाइट क्लब के शोर के माहौल में 286 लोगों का उस दौरान निरीक्षण किया गया, जब वे बात कर रहे थे। इसमें पाया गया कि 72 फीसदी लोगों ने साथी के दाएं कान में अपनी बात कही। यह प्रयोगशाला व प्रश्नावली दोनों के अध्ययनों से मेल खाता है।
दूसरा अध्ययन - क्लब के 160 सदस्यों की प्रतिक्रिया न सुनाई देने वाली व अर्थहीन बात पर जानी गई। इसमें पाया गया कि ज्यादातर लोगों ने सुनने के लिए अपना बायां कान घुमाया। इसके बाद उनसे सिगरेट के लिए पूछा गया। इसे सुनने के लिए 58 फीसदी ने दायां और 42 ने बायां कान घुमाया।
तीसरा अध्ययन - क्लब में 176 लोगों के अलग-अलग कान में बोलकर उन्हें सिगरेट का प्रस्ताव दिया गया। इसमें देखा गया कि जिन लोगों के दाएं कान में बात कही गई थी, उनमें से ज्यादा लोगों ने सिगरेट मांगी।