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समलैंगिक रिश्तों को मिलेगी मान्यता ?
एजेंसी. Saturday, June 27, 2009 19:29 [IST]  

नई दिल्ली .केंद्र सरकार भारतीय दंड विधान (आईपीसी) के उस प्रावधान को खत्म करने पर विचार कर रही है जिसमें समलैंगिकता को अपराध बताया गया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक आईपीसी की संबंधित धारा 377 को खत्म करने पर विचार के लिए जल्दी ही बैठक बुलाई जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

चिदंबरम, मोइली हैं सहमत :

चिदंबरम और केंद्रीय कानून मंत्री वीरप्पा मोइली धारा 377 को खत्म करने पर सहमत हैं जबकि स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद की राय अभी सामने नहीं आई है।

क्या है मामला:

असल में दिल्ली हाईकोर्ट में इस धारा को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई चल रही है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ए रामदास और पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटील ने इस मामले में कोर्ट में अलग-अलग राय जाहिर की थी। हाईकोर्ट ने इसे गंभीर मसला बताते हुए सरकार से जल्दी से जल्दी समाधान करने को कहा था। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गृह और स्वास्थ्य मंत्री से मतभेद सुलझा कर हाईकोर्ट में जवाब पेश करने को कहा है।

क्या समलैंगिकता को अपराध माना जाना चाहिए? या फिर समलैंगिक संबंधो को अपराध न मानते हुए धारा 377 को खत्म कर देना चाहिए? आखिर आप की इस महत्वपूर्ण मसले पर क्या रॉय है? अपने विचार हमें लिख भेजें..

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Comments
Praveen
Saturday, 27th Jun 2009, 22:17
No It should not be considered as crime. It is normal relationship as other people do have.
dr.s.k.chhabra
Sunday, 28th Jun 2009, 6:54
act should be abolished



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