भोपाल. राजधानी में महिलाओं के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सुल्तानिया में शनिवार को ढाई घंटे के भीतर चार गर्भवती महिलाओं की मौत हो गई। चौथी महिला की मौत के बाद अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों के परिजन भड़क गए। परिजनों का आरोप है कि इनकी मौत डॉक्टरों की लापरवाही से हुई है। उधर अस्पताल अधीक्षक ने महिलाओं की मौत का कारण गंभीर बीमारी बताया है।
शहर के सुल्तानिया जनाना अस्पताल में शनिवार शाम बरखेड़ा निवासी नीतू पत्नी वारिद, डीआईजी बंगला निवासी पवित्रा पत्नी रघुवीर, गोविंदपुरा निवासी कमला पत्नी कल्लू और सीहोर की मोनिका पत्नी चरण सिंह की मौत हो गई। मोनिका की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा मच गया।
मोनिका व अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों के परिजनों ने आरोप लगाया कि यहां डॉक्टर इलाज में कोताही बरतते हैं। अस्पताल में पवित्रा पत्नी रघुवीर की मौत 4 बजे के बाद हुई। पवित्रा को दो दिन पूर्व जवाहर लाल नेहरू गैस राहत अस्पताल से इलाज के लिए यहां लाया गया था। मेटरनिटी वार्ड में भर्ती सुमन की सास कला बाई ने बताया कि डॉक्टर्स अगर पवित्रा को समय पर इलाज दे देते तो उसकी मौत नहीं होती।