न्यूयॉर्क. संघीय डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने वालस्ट्रीट के कारोबारी व नेस्डैक के पूर्व चेयरमैन बर्नार्ड एल मैडोफ (70) की 170 अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति जब्त करने का फैसला सुनाया है। मैडोफ ने 12 मार्च को फर्जी फंड घोटाले में 11 गुनाह कबूल किए थे। 13 मार्च को कोर्ट ने मेडौफ को 150 साल की जेल की सजा सुनाई थी। आदेश के तहत उनकी रियल एस्टेट, निवेश, बोटों समेत सारी संपत्ति जब्त हो जाएगी। मैडोफ की पत्नी रूथ मैडोफ के दावे का भी निपटारा किया गया।
65 अरब डॉलर का घोटाला
मैडॉफ ने अपनी कंपनी के जरिए निवेशकों के 65 अरब डॉलर हड़पे। अब तक का सबसे बड़ा घोटाला।
हमारे यहां के बड़े घोटाले
हर्षद मेहता : 1992 में शेयर ब्रोकर हर्षद मेहता ने कई बैंको का पैसा शेयर मार्केट में लगा दिया था। घोटाला 50 अरब रू. का आंका गया था।
केतन पारेख : केतन पारेख ने आरबीआई के नियमों के विरुद्घ ग्लोबल ट्रस्ट से 250 करोड़ और माधवपुरा मर्चेन्टाइल बैंक से 1000 करोड़ ऋण लिया और शेयर मार्केट में लगा दिया था। नियमों के अनुसार एक ब्रोकर को 15 करोड़ से ज्यादा का ऋण नहीं दिया जा सकता।