नई दिल्ली.
बाबरी विध्वंस मामलें की जांच के लिए गठित लिब्राहन आयोग ने अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सौंप दी है। गौरतलब है कि 3 दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद का विध्वंस होने के बाद सरकार ने पूरे मामलें की जांच के लिए लिब्राहन आयोग का गठन किया गया था।
17 साल बाद आई रिपोर्ट
1992में गठित लिब्राहन आयोग को पूरे मामले की रिपोर्ट ६ माह में देनी थी लेकिन इस आयोग का कार्यकाल विभिन्न कारणों से 27 से 28 बार बढ़ाया गया और अब पूरे 17 साल बाद यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंप दी गई है।
केंद्र सरकार को जल्द से जल्द इस रिपोर्ट को संसद में पेश करना चाहिए। और जिन लोगों पर इस पूरे मामलें पर उंगली उठती है उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
जफरयाब जिलानी सयोंजक बीएमएसी
बहुत दिन हो गए किस तरह की रिपोर्ट आयोग ने दी है यह देखने वाली बात होगी वैसे ज्यादातर रिपोर्ट तो सरकार के पक्ष में आती है। रिपोर्ट सही आएगी ऐसा तो नहीं लगता और रिपोट पर संदेह को जन्मदेने वाली हो सकती है।
गिरीराज किशोर, उपाध्यक्ष बजरंग दल