नई दिल्ली. लिब्राहन कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद भारतीय जनशक्ति की नेता उमा भारती ने कहा है कि वह 6 दिसंबर 1992 को हुए बाबरी मस्जिद विघ्वंस के लिए माफी नहीं मांगेगीं और उनकों इसे लेकर कोई पछतावा नहीं है। एक प्राइवेट टीवी चैनल से बात करते हुए उमा भारती ने कहा है कि मैं चाहती थी कि यह पुराना ढांचा टूट जाय लेकिन इस तरह नहीं।
फिलहाल जो हुआ सो हुआ सब ठीक है। इसके साथ ही उमा भारती ने भाजपा नेता लालकृष्ण आडवानी का बचाव करते हुए कहा है कि वे इस पूरे घटनाक्रम से खुश नहीं थे। गौरतलब है कि विवादित बाबरी मस्जिद ढांचा गिराए जाने को लेकर आडवानी भी उमा भारती के साथ सहअभियुक्त है। गौरतलब है कि आज पूरे 17 साल बाद लिब्रहान आयोग ने बाबरी विध्वंस पर अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौपी दी है।