टेनिस प्रतियोगिता विंबलडन में नया विवाद सामने आया है। ऐसे आरोप हैं कि सेंटर कोर्ट में खेलने के लिए महिला खिलाड़ी की खूबसूरती पैमाना होती है न कि उसकी वरीयता। ऐसी खबरों ने खेल जगत में सनसनी फैला दी है। इस मामले में नंबर वन खिलाड़ी सफीना समेत अन्य ने अपनी नाराजगी भी प्रकट कर दी है।
वर्ल्ड रैंकिंग में कहीं आगे खिलाड़ियों को सेंटर कोर्ट पर खेलने की बजाए अपने मैच अन्य कोर्ट्स पर खेलने पड़ते हैं।
टेनिस की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में से एक विंबलडन में टॉप सीड्स महिला खिलाड़ियों की बजाए कम वरीयता प्राप्त खिलाड़ियों को सेंटर कोर्ट में खेलने का मौका मिलने से नए विवाद का जन्म हो गया है। ऐसी चर्चा है कि विंबलडन में ब्यूटी का जादू चल रहा है।
मीडिया में खबरें हैं कि खिलाड़ियों का टैलेंट मायने नहीं रखता, उनकी सुंदरता से उन्हें सेंटर कोर्ट में खेलने का मौका मिल जाता है। यह बात ऑल इंग्लैंड क्लब ने स्वीकार कर ली है।
ऑल इंग्लैंड क्लब ने यह माना है कि सुंदरता को प्राथमिकता दी जाती है। क्लब के अनुसार खिलाडि़यों के लिए खेल मैदान के चयन के समय उसके शारीरिक आकर्षण क्षमता पर ध्यान दिया जाता है। क्लब के प्रवक्ता जॉनी परकिन्स ने कहा कि अच्छे लुक्स वाले खिलाड़ी पर हमारा ध्यान होता है।
इसी तरह पुरुष प्रतियोगिता के पांच बार विजेता रहे रोजर फेडरर और ब्रिटिश खिलाड़ी एंडी मुरै को सेंटर कोर्ट पर खेलने का मौका दिया जाता है। टेनिस खेल से जुड़े एक सूत्र के अनुसार कई महिला खिलाडि़यों के बारे में दर्शक कुछ नहीं जानते। यदि वे सुंदर होती हैं तो निश्चित तौर पर वह उनके लिए फायदेमंद साबित होता है। उन्हें सेंटर कोर्ट पर खेलने का मौका मिल जाता है। विंबलडन में आने वाले दर्शकों की पहली पसंद ब्रिटिश खिलाड़ी या फिर महिला खिलाड़ी होती है।
सुंदरता से मिला मौका
विंबलडन में सेंटर कोर्ट पर खेलना अपने आप में काफी अहम होता है। यहां मीडिया मौजूद होता है जिससे खिलाड़ियों को बेहतर एक्सपोजर मिलता है। सेंटर कोर्ट पर रोमानियाई ग्लैमर गर्ल वल्र्ड नंबर 28 सोराना सिरस्टी और बेलारूस की विक्टोरिया अजारेनका के मैच का आयोजन किया गया।
हालांकि उसी दिन दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी सेरेना विलियम्स को नए कोर्ट में इटली की खिलाड़ी रोबर्टरा विन्सी से अपना मैच खेलना पड़ा। ये अकेला उदाहरण नहीं है।
खिलाड़ी हैं नाराज
विंबलडन समिति के तय शिडच्यूल को लेकर दिनारा सफीना ने मीडिया में अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है। वर्ल्ड नंबर वन खिलाड़ी सफीना ने कहा कि खूबसूरती को आधार बनाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह सब मुझे अच्छा नहीं लगता।
वहीं स्वेतलाना ने भी कहा कि सेंटर कोर्ट पर अवसर देने को लेकर ग्लैमर गल्र्स को मौका दिया जाना भेदभाव करने जैसा है। इससे हमारे फैन्स को अच्छा टेनिस देखने को नहीं मिलता। यहां लोग अच्छा खेल देखने आते हैं।