मोरोनी (कोमारो द्वीपसमूह). पेरिस से कोमारो द्वीप समूह की राजधानी मोरोनी की उड़ान भर रहा यमन का एक यात्री विमान मंगलवार को हिंद महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में चालक दल के 11 सदस्यों समेत 153 लोग सवार थे। दुर्घटना स्थल पर भेजे गए बचाव दल ने समुद्र में तूफान के बीच पांच वर्ष के एक बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया गया है, तीन यात्रियों के शव भी महासागर से निकाले गए हैं।
एअर बस ए-310 ने सोमवार को पेरिस से उड़ान भरी थी और यमन में सा’ना होते हुए यह अफ्रीका के दक्षिण पूर्व में स्थित कोमारो द्वीप समूह की राजधानी मोरोनी आ रहा था। मोरोनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निदेशक हाजी अली ने बताया कि एयरपोर्ट पर उतरने से थोड़ी देर पहले ही विमान का ‘फ्लाइट आईवाय 626’ से संपर्क टूट गया।
समुद्र में तूफान : यमन के नागरिक उड्डयन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मोहम्मद अब्दुल कादर ने बताया कि दुर्घटना के वक्त समुद्र में 115 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल रही थी। तूफान की वजह से राहत कार्य में भी दिक्कत आ रही है।
‘विमान में थी गड़बड़ी’ : फ्रांस के यातायात मंत्री डोमिनिक बुसेरो के अनुसार यमेनिया एयरलाइंस ‘निगरानी’ में थी और उसमें वर्ष 2007 में कई गड़बड़ियों का पता चला था। विमान के यात्रियों में 66 फ्रांसीसी थे। बचाव कार्य में सहायता देने के लिए फ्रांस ने अपने नजदीकी इलाके मायोत्ते से नौसेना के दो जहाज व एक विमान भेजे हैं।
एक माह में समुद्र में समाए दो विमान : एक माह के भीतर समुद्र में विमान गिरने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले एक जून को फ्रांस का एक विमान 228 लोगों के साथ अटलांटिक महासागर में गिर गया था, जिसकी दुर्घटना की वजह का अभी तक पता नहीं चल सका है।
यमनी एयरलाइंस : यमन की इस यमेनिया एयरलाइंस का 51 फीसदी हिस्सा यमन सरकार का और 49 फीसदी हिस्सा सऊदी अरब सरकार का है। इसके पास दो एयरबस 330-320, चार एयरबस 310-330 तथा चार बोइंग 737-800 हैं।