नई दिल्ली. आईसीसी अध्यक्ष डेविड मोर्गन ने संकेत दिए हैं कि टेस्ट क्रिकेट को 5 दिन से घटाकर 4 दिन का किया जा सकता है। इसके अलावा आईपीएल जैसी ट्वेंटी-20 लीग की बढ़ती लोकप्रियता के बीच टेस्ट क्रिकेट को बचाने के लिए कुछ और बदलाव अमल में लाए जा सकते हैं जिसमें डे-नाइट टेस्ट और टू-टियर फॉर्मेट शामिल हैं।
मोर्गन ने कहा यदि एक साल के अंदर टेस्ट क्रिकेट में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले तो हमें बहुत आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
मोर्गन का मानना है कि खिलाड़ियों के लिए 5 दिन की जगह 4 दिन के लिए टेस्ट खेलने को तैयार करना बहुत मुश्किल नहीं होगा। उन्होंने कहा टेस्ट क्रिकेट को और भी संयोजन करने हैं, खासकर रात में आयोजित होने वाले क्रिकेट बॉल को लेकर।
मोर्गन ने कहा हमें बेहतर ओवर रेट की जरूरत होगी, बेहतर पिचों की आवश्यकता होगी जहां गेंद और बल्ले में सामंजस्य हो सके और अब हमें दिन-रात के टेस्ट पर भी विचार करना है। उन्होंने कहा रंगीन गेंदों को लेकर हमें व्यापक समर्थन मिला है।
यदि दिन-रात का क्रिकेट टेस्ट सफेद गेंद और रंगीन ड्रेस में खेली जाए तो अच्छा नहीं होगा। हम निश्चित रूप से गेंद की डिजाइन पर काम कर रहे हैं। ये रेड गेंद होगी या नारंगी भी हो सकती है। रात में भी सफेद ड्रेस को बरकरार रखा जाएगा।
क्रिकेट में टू-टियर संरचना आईसीसी के क्रिकेट महाप्रबंधक डेव रिचर्डसन ने बनाई है। वे इसमें मजबूत और कमजोर टीमों को अलग-अलग ग्रुप में रखना चाहते हैं। इससे टेस्ट फार्मेट को और प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा आईसीसी ने अंपायर डिसीजन रिव्यू सिस्टम को भी मंजूरी दी है।
इससे अंपायरों के पास खराब रोशनी के कारण खेल रोके जाने और धीमी ओवर गति के लिए जुर्माना लगाए जाने का निर्णय लेने के लिए व्यापक अधिकार होंगे।