इम्ग्> कंगना राणावत इन दिनों स्वीटजरलैंड में शूटिंग कर रही हैं। यहां का वातावरण उसे अपने घर मनाली की याद दिला रहा है। वहां के सरल जीवन और माता-पिता की याद से वह व्याकुल हो उठी है।
दरअसल कंगना शूटिंग से फ्री होती है, तब वह वहां घूमने का कोई मौका नहीं छोड़ती। ऐसे में जब वह देखती है कि वहां बड़े-बूढ़े अपने नाती-पोतों के साथ एंज्वाय कर रहे हैं, मस्ती कर रहे हैं, पर्वतारोहण कर रहे हैं, इन दृश्यों को देखकर वह भी इमोशनल हो जाती है और अपने नाती-पोतों की कल्पना करने लगती है। इसके बाद भी वह मौसम के अनुकूल लिए जाने वाले चाय-पकौड़ों को नहीं भूल पाती।
सोशल नेटवर्किग वेबसाइट फेसबुक में कंगना ने अपनी प्रोफाइल में लिखा है कि मैं अभी स्वीटजरलैंड में हूं, यहां मुझे अपने घर मनाली की याद आ रही है। बस अब मुझे अपने संतानों की राह नहीं देखनी है। यहां का माहौल मुझे अपनी धरती की याद दिलाता है।
यहां तक तो ठीक है, पर इस माहौल में संतानों और उसकी संतानों की चाहत आखिर क्यों? इस पर वह खिलखिला उठती है, वह कहती है दरअसल मैं यहां ऐसे अनेक दंपतियों को देख रही हूं, जो अपनी संतानों के साथ धींगामस्ती कर रहे हैं, एंज्वाय कर रहे हैं, कहीं-कहीं तो पर्वतरोहण भी कर रहे हैं।
बच्चे उनका हाथ पकड़कर कदमताल कर रहे हैं। इन बच्चों को देखकर मुझे लगा कि मेरे भी बच्चे होने चाहिए और उनके भी बच्चे होने चाहिए, ताकि उन सबके बीच मैं भी इस तरह का आनंद ले सकूं। इसके अलावा यदि मैं और किसी को मिस कर रही हूं, तो वह है चाय-पकौड़े। इनके बिना ऐसे मौसम की कल्पना ही नहीं की जा सकती।