मेलबोर्न. यहां के एक प्रमुख दैनिक ने दावा किया है कि आस्ट्रेलिया में पिछले वर्ष 54 विदेशी छात्र मारे गए हैं, जिनमें आधे भारतीय हैं, लेकिन कोरोनर्स (जांच अधिकारियों) द्वारा इनकी मौत के कारणों को छुपाने का प्रयास किया गया है। ‘द एज’ अखबार ने यह खबर ऐसे समय दी है जब आस्ट्रेलिया में आए दिन भारतीय छात्रों को निशाना बनाते हुए उन पर नस्ली हमले किए जा रहे हैं। अखबार का दावा है कि मारे गए विदेशी छात्रों की वास्तविक संख्या, संघीय सरकार द्वारा बताए गए आंकड़े से ज्यादा हो सकती है।
‘द एज’ के अनुसार नेशनल कोरोनर्स इंफोर्मेशन सिस्टम (एनसीआईएस) के तहत स्टेट और टैरिटरी कोरोनर्स ने पिछले वर्ष नवंबर तक मारे गए विदेशी छात्रों के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया है। विक्टोरियन कोरोनर्स की प्रवक्ता जैनिफर कोट का तर्क था कि मारे गए विदेशी छात्रों की संख्या इतनी बड़ी नहीं है कि उसे सार्वजनिक किया जाए।
मारे गए छात्रों की वास्तविक संख्या अधिक
आस्ट्रेलियाई सरकार ने फरवरी में संसद में एक सवाल के जवाब में 2008 में कुल 51 विदेशी छात्रों की मौत होना स्वीकार किया था। इनमें 34 मौतों के कारण अज्ञात थे, जबकि 14 मौतें दुर्घटनाओं से और 3 मौतें बीमारियों से हुई थीं।
वहीं, ‘द एज’ का दावा है कि मौतों का यह आंकड़ा 54 हो सकता है, जिसमें अधिकतर छात्र भारत, कोरिया और चीन के थे और भारतीय छात्रों की संख्या कुल संख्या से करीब आधी थी। हालांकि आस्ट्रेलियाई सरकार ने खुदकुशी का एक भी मामला नहीं बताया, लेकिन अखबार का दावा है कि कम से कम तीन और विदेशी छात्रों की मौत के मामले खुदकुशी के हो सकते हैं।
क्या है नियम
इस समय आस्ट्रेलिया में किसी विदेशी छात्र की मौत होने पर, शिक्षा प्रदाता को उसकी मौत की वजह शिक्षा, रोजगार और वर्कप्लेस रिलेशन्स विभाग को बताना जरूरी नहीं है। शिक्षा मंत्री जूलिया गिलार्ड की प्रवक्ता ने कहा है कि नियमों की समीक्षा इस वर्ष और अगले वर्ष की जाएगी।
मंगत गर्ग परिवार की पीड़ा
‘द एज’ ने इस रिपोर्ट में पंजाब के रामपुरा फूल डेटलाइन से एक खबर भी दी है, जिसमें मंगत गर्ग परिवार की दर्दभरी पीड़ा बयान की गई है। मंगत के पुत्र रजत की ‘वैलेंटाइन डे’ के दिन मेलबोर्न के पश्चिमी इलाके में ट्रेन से टकरा जाने के कारण मौत हो गई थी। आस्ट्रेलियाई पुलिस ने जांच में हॉस्पिटेलिटी मैनेजमेंट के इस छात्र द्वारा खुदकुशी करना बताया गया, लेकिन गर्ग परिवार इसे हत्या का मामला करार दे रहा है। मंगत के अनुसार हादसे के वक्त रजत के पास कीमती सामान और नकदी वगैरह थी, जो शव के पास नहीं मिला।