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तालिबान ने खुद मार डाले अपने 18 साथी
एजेंसी Thursday, July 02, 2009 00:24 [IST]  

talibanइस्लामाबाद. तालिबानी आतंकियों ने निर्ममता की हद पार करते हुए पाकिस्तान के कबीलाई इलाके में अपने 18 घायल साथियों को इसलिए मार डाला क्योंकि वे उन्हें सुरक्षित बाहर नहीं निकाल पा रहे थे। पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

सेना ने बताया कि स्वात के बिहा घाटी क्षेत्र में तालिबानियों ने कमांडरों के आदेश पर अपने 18 साथियों को मौत के घाट उतार दिया। साथियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मिली नाकामी के बाद उन्होंने ऐसा किया।

फजलुल्लाह गंभीर रूप से घायल

दूसरी ओर, पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर प्रांत में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों के अभियान में पाक तालिबान का कमांडर मौलाना फजलुल्लाह गंभीर रूप से घायल हुआ है। पाकिस्तानी गृह मंत्री रहमान मलिक ने यह दावा किया है। ‘बीबीसी’ से बातचीत में मलिक ने कहा ‘पुष्टि हो चुकी है कि फजलुल्लाह पर निशाना लगा है और वह गंभीर रूप से घायल हुआ है।’ उन्होंने कहा कि सेना के अभियान के कारण ज्यादातर तालिबानी नेता छुप गए हैं, लेकिन उन्हें ठिकानों से खोज निकाला जाएगा। प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कियानी के साथ सेना की कार्रवाई की समीक्षा करने वाले राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने साफ किया है कि आतंकियों को निकाल बाहर करने तक सेना की कार्रवाई नहीं रोकी जाएगी।

इस बीच, मलकंद जिले में जारी संघर्ष में पांच आतंकियों और सेना के एक जवान के मारे जाने की खबर है। एक अन्य घटना में खैबर क्षेत्र में अज्ञात बंदूकधारियों ने सरकार को समर्थन देने वाले एक कबीलाई नेता हाजी गुल, उसके ड्राइवर और अंगरक्षक को मार डाला। गुल पर इससे पहले भी तीन बार जानलेवा हमले की कोशिश हो चुकी थी। इस बीच, स्वात घाटी और नजदीकी क्षेत्र को आतंकियों से मुक्त कराने के सेना के दावे के बावजूद वहां संघर्ष जारी है। पिछले 24 घंटों में यहां एक अधिकारी सहित 12 सैनिक घायल हुए हैं। तीन आतंकियों को भी इस दौरान पकड़ा गया है।

जातीय संघर्ष में 27 की मौत

पाकिस्तान के कुर्रम कबीलाई क्षेत्र में दो वर्र्गो के बीच हुए संघर्ष में बुधवार को 27 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही क्षेत्र में बीते दो सप्ताह के संघर्ष में मरने वालों की संख्या 148 पहुंच गई है। सुन्नियों के समर्थन में तालिबानी: क्षेत्र में शिया और सुन्नियों के संघर्ष ने बड़ा रूप ले लिया है। तालिबानी लड़ाकों के सुन्नियों के समर्थन में मोर्चे पर उतरने से हालात काफी बिगड़ गए हैं। बालिशखेल, खार खलाई, मिंडक, तेंगी, किरमन और पेराचेकमनी क्षेत्रों में कबीलाई लोगों ने हथियारों के साथ एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा संभाल रखा है। खुर्रम एजेंसी में पिछले दो वर्ष से जातीय संघर्ष जारी है, जिसमें अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है।

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