इम्ग्> अध्ययन सुमन फिल्म ‘जश्न’ की शूटिंग के लिए निर्धारित समय पर नहीं पहुंचते हैं। लेटलतीफी की इस आदत से परेशान फिल्म की निर्देशक रक्षा मिस्त्री ने जब एक दिन इस रवैये में सुधार लाने को कहा तो अध्ययन उनसे ही उलझ पड़े।
यहां तक कि उनकी तनातनी की वजह से फिल्म की दो दिन तक शूटिंग नहीं हो सकी। मामला यहां तक बिगड़ा कि फिल्म के निर्माता महेश भट्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। उनके प्रयास के बाद ही दोनों साथ-साथ काम करने को राजी हुए।
इस घटनाक्रम पर रक्षा बताती हैं, ‘अध्ययन लगातार शूटिंग के लिए लेट आते रहे। उन्हें देर रात तक पार्टी करने की आदत है और इस कारण वह सुबह देर से पहुंचते हैं। ऐसा लगातार होते देख एक दिन जब मैंने उनसे बात की तो वह उखड़ गए और झगड़े पर उतारू हो गए। बात यहां तक बिगड़ी कि हमने एक-दूसरे के साथ शूटिंग नहीं करने का फैसला कर लिया।
नतीजतन दो दिन तक शूटिंग नहीं हो सकी। अध्ययन के विपरीत फिल्म की नायिकाएं शहाना गोस्वामी और अंजाना सुखानी निर्धारित समय पर पहुंच जाती थीं और ‘किंग सुमन’ का इंतजार करती रहती थीं। वह तो महेश भट्ट ने स्थिति संभाली, तब कहीं जाकर फिल्म की शूटिंग शुरू हो सकी।’
इस प्रकरण पर सफाई देते हुए अध्ययन का कहना है, ‘मैं 17-17 घंटे तक शूटिंग कर रहा हूं। चूंकि मैं एक अभिनेता हूं इसलिए मेरा अच्छा दिखना जरूरी है। अच्छा दिखने के लिए अच्छी नींद लेना जरूरी है। इसी वजह से मैं सेट पर समय से नहीं पहुंच पाता हूं। रहा सवाल पार्टी करने का तो मैं सप्ताह के अंत में पार्टी करता हूं, हर रोज नहीं।
रक्षा ने जब मुझसे यह कहा कि अगर मैं दोबारा लेट आया तो वह मुझे सेट पर घुसने नहीं देंगी, तो मुझे भी गुस्सा आ गया। इसके बाद हमारे बीच गर्मागर्मी हुई। मैंने साफ कह दिया था कि या तो वह रहेगी या मैं रहूंगा। हालांकि बाद में महेश भट्ट ने स्थिति संभाली तब जाकर शूटिंग शुरू हो सकी।’