खबरों में देशः होंडुरास
पिछले सप्ताह जिस होंडुरास के निर्वाचित राष्ट्रपति मैन्युएल जेलाया का तख्तापलट कर उन्हें नाटकीय ढंग से विमान में बिठाकर पड़ोसी देश कोस्टारिका छोड़ दिया गया, वह मध्य अमेरिका में कैरेबियन सागर और प्रशांत महासागर से घिरा बेहद छोटा और गरीब देश है।
पहाड़ों में बसे और एक लाख 12 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला यह देश भारत के सबसे बड़े राज्य राजस्थान का एक तिहाई भी नहीं है। इसकी राजधानी तेगुसिगल्पा है जो देश का सबसे बड़ा नगर भी है। सैन प्रेडो सुला इसका दूसरा बड़ा शहर है। इस देश की कुल जनसंख्या करीब 75 लाख है।
इसकी खोज 1502 में क्रिस्टोफर कोलंबस ने की थी। इसके बाद इसे स्पेन ने अपने राज्य में मिला लिया।
यह 300 सालों तक स्पेन के अधीन रहा और इसीलिए यहां के 94 फीसदी लोग स्पेनिश ही बोलते हैं। 15 सितंबर 1821 को स्पेन से आजाद होने के बावजूद यह आज तक आर्थिक दृष्टि से आत्मनिर्भर नहीं हो पाया है। इसकी अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कॉफी, केला, मछली और सोने के निर्यात पर निर्भर है। इसकी आधी से भी अधिक आबादी गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करती है और बेरोजगारी की दर करीब 28 फीसदी है।
इसे वर्ल्ड बैंक वर्ष 2005 में कर्ज के भार दबे अत्यंत गरीब देशों की श्रेणी में रख चुका है। यह देश समुद्री तूफानों से भी ग्रस्त रहा है। यहां तूफान आते ही रहते हैं। वर्ष 1998 में आए मिल्च तूफान की वजह से देश की 80 फीसदी परिवहन व्यवस्था ध्वस्त हो गई और इसे तीन अरब डॉलर से भी ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा था।
राजनीतिक रूप से भी यह काफी अस्थिर रहा है। यहां मुख्य रूप से दो पार्टियां सत्ता में रही हैं - नेशनल पार्टी और लिबरल पार्टी। कई बार इसे सैन्य जनरलों के तख्तापलट से भी दो-चार होना पड़ा है। वर्ष 1963 से 1981 तक देश की बागडोर सैन्य शासकों के ही हाथों मंे रही। तीन दिन पहले आए होंडुरास के मौजूदा संकट के बाद देश की कमान अपदस्थ राष्ट्रपति की पार्टी के ही राजनेता रोबटरे मिचेलेटी को सौंप दी गई है।