भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मप्र के माथे से अशिक्षा का कलंक मिटाना है। इसकी जिम्मेदारी अभिभावकों और शिक्षकों की है। वह बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित करें। समूचे प्रदेश में एक भी बच्च ऐसा नहीं रहे जो स्कूल न जाता हो। बारहवीं तक के बच्चों को सरकार मुफ्त किताब-कापियां देगी। जरूरत है उन्हें नियमित स्कूल भेजने की.
यह बातें श्री चौहान ने गुरुवार को राजधानी के निकट ग्राम बगरोदा हाईस्कूल में स्कूल चलें हम अभियान के तहत आयोजित समारोह में कहीं। श्री चौहान ने कहा कि अभिभावक बच्चों का स्कूल में अवश्य प्रवेश कराएं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को संकल्प दिलाया कि पूरे गांव के सभी बच्चों को स्कूल भिजवाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे छह माह बाद आकर देखेंगे कि कितने बच्चे स्कूल आ रहे हैं। श्री चौहान ने इस साल पहली कक्षा में प्रवेश लेने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों का हार पहनाकर सम्मान किया।
घोषणा
उन्होंने घोषणा की कि 12वीं तक के बच्चों को सरकार मुफ्त किताब-कापियां देगी। गणवेश पालक-शिक्षक संघ देगा। दोपहर भोजन भी मिलता रहेगा। इस अवसर पर श्री चौहान ने ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित नवीन हाई स्कूल भवन का दीप प्रज्जवलित कर लोकार्पण किया। शाला परिसर में उन्होंने पौधा भी रोपा। विधायक जितेंद्र डागा ने अपने संबोधन में ग्रामीणों से कहा कि वे स्कूल चलें अभियान योजना का लाभ बच्चों को दिलाएं। इस अवसर पर संभागायुक्त डा. पुखराज मारू, कलेक्टर शिव शेखर शुक्ला, सरपंच हरिनारायण पटेल, हरि नारायण पटेल, प्राचार्य एसएस राठौर व सर्व शिक्षा अभियान के अधिकारी उपस्थित थे।