Chandigarh
यूनिवर्सिटी के लिए सिब्बल से अनुरोध
अधीर रोहाल Friday, July 03, 2009 03:31 [IST]  

चंडीगढ़. सेंट्रल यूनिवर्सिटी के दर्जे का इंतजार कर रही पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) को सेंट्रल फंडेड यूनिवर्सिटी बनाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। पिछले साल पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने के मसले पर पंजाब सरकार के यू-टर्न के बाद अब पीयू खुद ही केंद्र सरकार से पूरी फंडिंग पाने की कोशिश कर रही है।

केंद्र में नई सरकार बनने के बाद पीयू ने यह मसला केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल के समक्ष उठाया है। मंत्रालय की ओर से भी पीयू को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। लंबे अर्से से आर्थिक रूप से परेशानी का सामना कर रही पीयू के लिए सेंट्रल यूनिवर्सिटी दर्जा काफी अहमियत रखता था। मौजूदा वित्त वर्ष में पीयू के कुल 268 करोड़ के बजट में 78 करोड़ का घाटा हुआ था।

पिछले साल सितंबर में पीयू ने सेंट्रल फंडेड यूनिवर्सिटी का दर्जा हासिल करने के लिए मानव संसाधन मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी थी। इस रिपोर्ट में पीयू ने केंद्र से 90 फीसदी ग्रांट मांगी थी, जबकि 10 फीसदी हिस्सा पंजाब सरकार से लिया जाना था। पीयू और मानव संसाधन मंत्रालय के बीच तीन बार बैठक हुई। मंत्रालय की ओर से पीयू को सेंट्रल फंडिंग देने के प्रस्ताव पर सहमति बनती दिखी। फिर चुनाव आचार संहिता लागू होने से बात अटक गई।

अब पीयू ने इस दिशा में दोबारा प्रक्रिया शुरू कर दी है। पीयू ने सेंट्रल फंडेड यूनिवर्सिटी के दर्जे के तहत केंद्र से सालाना 95 फीसदी ग्रांट ही मांग की है। पीयू के अधिकारियों की केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल के साथ इस मसले को लेकर दो बैठकें हो चुकी हैं।

सेंट्रल यूनिवर्सिटी से सेंट्रल फंडेड यूनिवर्सिटी लेकिन पिछले साल पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी घोषित करने का मामला आखिरी वक्त पर लटक गया। इसके बाद पीयू ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी के दर्जे की मांग छोड़कर यूनिवर्सिटी को पूरी तरह से सेंट्रल फंडेड यूनिवर्सिटी बनाने के लिए केंद्र के साथ बातचीत शुरू की,तो केंद्र ने पीयू से इसका प्रस्ताव देने को कहा।

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