Indore
मौत भी न मिटा सकी बलिदान का जज्बा
भास्कर संवाददाता Friday, July 03, 2009 03:39 [IST]  

joshi

महू. सशस्त्र बलों के एकीकृत डिफेंस स्टाफ के पहले प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) पंकज जोशी का बुधवार को इंदौर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। देश की आन-बान के लिए कई मोर्चो पर बहादुरी से लड़ने वाले और दुश्मन पर विजय पाने की खातिर अपने दोनों पैर खो देने वाले ले.ज. जोशी का पिछले दो साल से किडनी का इलाज चल रहा था। 10 दिन पहले उन्हे इंदौर के अस्पताल में भर्ती किया गया था। भारत के इस जांबाज सपूत ने नेत्रदान व देहदान का इरादा जताकर जाते-जाते भी देशसेवा के अपने जज्बे का इजहार कर दिया था। ले.ज. जोशी की बेटी अमेरिका में रहती हैं जबकि पुत्र ऊटी के एक संस्थान में होटल मैनेजमेंट पढ़ाते हैं।

पैर खोए, हौसला नहीं : दोनों पैर खो देने के बाद भी ले.ज. जोशी ने सेना में सेवा जारी रखी। प्रमोशन भी लिए।

पसंद आ गया था महू

ले.ज. जोशी की पोस्टिंग 1998 में महू के वॉर कॉलेज में हुई थी। शहर उन्हें इतना पसंद आया कि सन 2003 में रिटायर होने के बाद वे यहीं रहने आ गए। उनका घर महू के सिग्नल विहार में है।

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