रायपुर. वाहनों से होने वाला प्रदूषण घटाने की कवायद में लगी राज्य सरकार ने राजधानी और बिलासपुर में चलने वाली सिटी बसों को बायोडीजल से चलाने का फैसला किया है। पहले चरण में सामान्य डीजल से चलने वाली इन बसों में अधिकतम 20-20 फीसदी बायोडीजल की मिक्सिंग की जाएगी। बायो डीजल की सप्लाई छत्तीसगढ़ शासन की संस्था छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) करेगा।
प्राधिकरण के कार्यपालिक निदेशक एसके शुक्ला ने बताया कि हाल में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में ऊर्जा विभाग की समीक्षा में बायोडीजल का उत्पादन बढ़ाने और इसके सिटी बसों में इस्तेमाल के संबंध में चर्चा हुई। बैठक में हुए निर्णय के तहत 20 फीसदी बायोडीजल मिक्स करने के बारे में रायपुर और बिलासपुर के कलेक्टर को प्राधिकरण ने गुरुवार को पत्र भेजा है। दोनों ही शहरों में सिटी बसों का संचालन कर रही कंपनी के कलेक्टर अध्यक्ष हैं।
34 रुपए लीटर की दर से बायोडीजल बेच रहे प्राधिकरण का दावा है कि इससे सिटी बसों के धुएं से होने वाला प्रदूषण करीब 15 फीसदी घटेगा। बायोडीजल में सल्फर और लेड की मात्रा कम होने की वजह से यह सुधार आएगा। तेल की सप्लाई से लेकर बसों में तेल भरने का काम प्राधिकरण करेगा। गौरतलब है कि जल्द ही रायपुर में सिटी बसों की संख्या बढ़ाकर सौ के आसपास की जा रही है। प्राधिकरण का तीन टन का एक्सपेरिमेंटल प्लांट इस समय पूरी कैपेसिटी से बायोडीजल उत्पादन कर रहा है। जरूरत पड़ने पर प्लांट की क्षमता बढ़ाकर पांच से दस टन किया जा सकता है। प्लांट से इस समय रेलवे के अलावा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), महिंद्रा एंड महिंद्रा, रेलवे और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को बायोडीजल सप्लाई हो रही है।
पिछले चार सालों में एक लाख लीटर से ज्यादा तेल बेच चुके प्राधिकरण को हर लीटर के पीछे 3-4 रुपए का प्राफिट है। राजधानी में केंद्रीय जेल के बाहर जेल विभाग द्वारा संचालित पेट्रोल पंप के अलावा पुलिस लाइन के पास के पेट्रोल पंप में बायोडीजल पंप शुरू करने की तैयारी है।