रायपुर. दक्षिण-पश्चिमी मानसून लगभग पूरे राज्य में सक्रिय हो गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान लगभग सभी जिलों में हल्की से सामान्य बारिश हुई। राजधानी में भी बादल रह-रह कर बरसते रहे। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो-तीन दिन प्रदेश में व्यापक बारिश भले ही नहीं होगी, पर हवा में नमी की वजह से ऐसी झड़ी जारी रहने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून राज्यभर में सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग के निदेशक एमएल साहू ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में कोई नया सिस्टम नहीं बना है, लेकिन खाड़ी से लगातार नम हवाएं आ रहीं हैं। अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के एकाध इलाके में काफी भारी बारिश होने की संभावना है। रायपुर जिले के तिल्दा, भाटापारा, राजिम और बलौदाबाजार इलाकों में गुरुवार को दिन में अलग-अलग समय पर बारिश हुई।
भाटापारा में शाम को तेज बारिश के बाद रात तक झड़ी लगी हुई थी। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले कम दबाव क्षेत्र की वजह से सबसे ज्यादा लाभान्वित होने वाले बस्तर इलाके में गुरुवार को भी बारिश नहीं हुई। महासमुंद और पिथौरा में मूसलाधार बारिश से खेत लबालब भर गए हैं। बुधवार रात से शुरू हुई बारिश की झड़ी गुरुवार को भी जारी रही। राजनांदगांव जिले में मौसम आमतौर पर शुष्क रहा, पर कवर्धा में किसानों ने बारिश की झड़ी से राहत महसूस की। भिलाई में गुरुवार रात को हल्की बारिश से तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई। बिलासपुर संभाग में भी कुछ स्थानों पर बारिश दर्ज हुई।
बारिश में फिर डूबने लगा शहर
पिछली बरसात में डूबने के बावजूद निगम ने डूबान क्षेत्र की उपेक्षा की, जिसके कारण इस बरसात भी लोगों को तकलीफों का सामना करना पड़ेगा। जयस्तंभ चौक, शंकरनगर बस्ती, हनुमाननगर, पचपेड़ीनाका और डीडीनगर समेत कई मार्र्गो और आवासीय इलाकों में दो दिनों की बारिश में ही सड़कों की हालात बिगड़ चुकी है। यह इसलिए हुआ क्योंकि नाले-नालियों की सफाई नहीं हुई हैं। नाले भी जाम हैं और नालियां भी बजाबजा रही है।
पानी निकासी का इंतजाम नहीं हो पाया। मुख्य मार्ग पर एक नाला जयस्तंभ चौक से मालवीयरोड, बाबूलाल गली होते हुए गोलबाजार, सदरबाजार, बूढ़ापारा होते हुए बूढ़ातालाब के पास आउटलेट में खुलता है। इस नाले में आधे से अधिक भाग कचरे से भरा हुआ है। कई जगहों पर कपड़ा, टायर, जूते, चप्पल, प्लास्टिक, पालीथीन आदि ऊपरी सतह तक जमा हुआ है। यही आलम जवाहर मार्केट होते हुए, शास्त्रीबाजार, मिलेनियम प्लाजा मार्ग से गुजरने वाले नाले का है।
इस नाले के ऊपर मकान दुकान से लेकर तमाम अवैध कब्जे हैं। बरसात में इस साल पूरे इलाके में पानी भर जाएगा। पिछली बार भी समस्या आई थीं। फिर भी सुधार के लिए ध्यान नहीं दिया गया। जयस्तंभ चौक से काफी हाउस के सामने तक नाले का ढाल पिछले साल उल्टा बना दिया गया था। इसे सुधारने की कवायद एक महीने से चल रही है। पीडब्ल्यूडी विभाग के अफसरों से लेकर महापौर तक इस जगह का निरीक्षण कर चुके हैं लेकिन ढाल सुधारने का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है। दूसरी ओर पार्षदों का कहना है कि नगर निगम कमिश्नर अमित कटारिया ने जून के पहले हफ्ते में कहा था कि वे बरसात के पहले शहर के पूरे नालों की सफाई करवा देंगे। लेकिन नालों की रत्ती भर भी सफाई नहीं हुई।