Raipur
बाइक से धान परिवहन
भास्कर न्यूज Friday, July 03, 2009 06:26 [IST]  

paddyरायपुर. वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र पांडे ने आरोप लगाया कि राज्य में धान के परिवहन में व्यापक पैमाने पर घोटाला किया गया है। कई स्थानों पर मोटरसाइकिल से सैकड़ों क्विंटल धान का परिवहन कर लिया गया। वह भी फर्जी नंबरों से इस काम को अंजाम दिया गया है। श्री पांडे ने पत्रकार वार्ता में कहा कि दो चक्कों वाली मोटर साइकिल में सैकड़ों क्विंटल धान के परिवहन का कारनामा भाजपा सरकार के कार्यकाल में अंजाम दिया गया है।

सामान्यत: धान को सोसाइटियों से उठाकर राइस मिलों तक पहुंचाने के लिए ट्रक, मेटाडोर और ट्रैक्टर का उपयोग किया जाता है लेकिन दोपहिया को ट्रक बताकर परिवहन किया गया है। सरकारी रिकार्ड के अनुसार इरीगेशन कालोनी र्दी निवासी चंदराम पिता शिवप्रसाद के नाम की मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 12 ए 2022 से उमरेली सोसाइटी से धान उठाकर मित्तल राइस मिल कटघोरा पहुंचाया गया है। इस मोटर साइकिल से कुल 200 क्विंटल धान की ढुलाई हुई। कंचन पिता एमपी मानिकपुरी क नाम से दर्ज मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 12 ए 4111 से उमरेली सोसाइटी से माल उठाकर करीब 150 क्विंटल धान राइस मिल मेसर्स ओमप्रकाश रामनिवास कटघोरा में पहुंचाया गया।

इसी तरक कनकी और पोड़ी सोसाइटी से माल उठाकर गणोश ट्रेडर्स कटघोरा पहुंचाया गया। इस काम में दीपका निवासी बड़कू प्रसाद यादव की मोटर साइकिल क्रमांक सीजी 12 ए 2238 का उपयोग किया गया। इसमें 197 क्विंटल धान की ढुलाई हुई। जगजीत सिंह की मोटर साइकिल क्रमांक सीजी 12 ए 1774 नसे चैतमा सोसाइटी से धान उठाकर बजरंग राइस मिल कटघोरा पहुंचाई गई। भैसमा सोसाइटी से 124 क्विंटल धान का परिवहन जहीर खान की मोटर साइकिल सीजी 12-1533 से किया गया। मोटर साइकिल क्रमांक सीजी 12 ए 9403 से नरेंद्र राइस मिल तक धान का परिवहन किया जाना दर्ज किया गया। यह मोटर साइकिल सुराकछार निवासी कुसवाराम की है।

लेवी में घपले की पवार से शिकायत

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने केंद्रीय खाद्य मंत्री शरद पवार को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ में लेवी में भारी अनियमितताएं होने की शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपए का लाभ पहुंचाने के लिए लेवी में गड़बड़ी की गई है। श्री साहू ने अपने पत्र में लिखा है कि भारतीय खाद्य निगम ने राइस मिलर्स से करीब 15 लाख टन चावल की लेवी उपार्जित की है। निगम के अफसर और राइस मिलर्स की मिलीभगत के चलते व्यापक पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। लगभग 37 लाख टन धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की गई। इसमें से ही कस्टम मिलिंग कराकर पीडीएस के जरिए चावल वितरण किया गया। भारतीय खाद्य निगम ने 15 लाख टन की लेवी ली। इस तरह पूरे प्रदेश में समितियों और मंडियों से 52 लाख टन धान की खरीदी बताई जा रही है। यह अांकड़ा अत्यंत हास्यास्पद है।

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