लंदन. एशेज के महासंग्राम में इंग्लैंड के प्रमुख हथियार एंड्रयू ¨फ्लटाफ का जवाब देने के लिए आस्ट्रेलिया ने अपने तरकस में मिशेल जानसन जैसा भरोसेमंद हथियार तैयार किया है। पिछले एक साल के दौरान जानसन ने अपने आप को टीम की एक अहम कड़ी के रूप में विकसित किया है।
जानसन ने गेंदबाजी के साथ साथ बल्लेबाजी में भी खुद को साबित किया है। 2007 में क्वालालंपुर में हुए डीएलएफ कप के दौरान जानसन ने अपनी गेंदों से सचिन तेंदुलकर जैसे बल्लेबाज को काफी परेशान किया था सचिन ने उनकी गेंदों की प्रशंसा करते हुए कहा था कि अगर वह मेहनत करें तो काफी आगे जाएंगे।
सचिन की उन बातों को सच होने में महज दो साल ही लगे और आज जानसन अपने करियर की उंचाइयों पर है। जानसन की बल्लेबाजी का औसत 34.70 है जबकि गेंदबाजी में उनका औसत 28.01 है जबकि फ्लिंटाफ का बल्लेबाजी औसत 31.69 है और गेंद के साथ भी वह 32.07 की औसत से ही प्रदर्शन करने में सफल हुए हैं। दोनों ही मामलों में जानसन की औसत बेहतर है। हालांकि जानसन ¨फ्लटाफ की तुलना में बहुत कम अनुभवी हैं।
जानसन ने पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पर्थ टेस्ट में 61 रन देकर आठ विकेट लेकर अपना सर्वŸोष्ठ प्रदर्शन किया था जबकि इस साल इसी टीम के खिलाफ उन्होंने अपने टेस्ट करियर का एकमात्र शतक जमाया था।
इसके अलावा डरबन टेस्ट के दौरान उन्होंने अपनी कहर बरपाती गेंदो से दिखाया था कि आखिरकार क्यों उन्हें वर्तमान पीढ़ी का सर्वŸरेष्ठ बायें हाथ का तेज गेंदबाज कहा जाता है। जानसन ने पिछले दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान अपनी कहर बरपाती गेंदों से टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज जैक कैलिस को खूब छकाया और टीम के कप्तान ग्रीम स्मिथ की दो बार ऊंगली तोड़ी।
इस एशेज सीरीज के दौरान वह इंग्लिश कप्तान एंड्रयू स्ट्रास को अपनी धारदार गेंदों का निशाना बनाने की तैयारी कर रहे हैं। जानसन बाएं हाथ के बल्लेबाजों को अपनी इन¨स्वगर से बहुत परेशान करते हैं ऐसे में स्ट्रास के लिए खतरा और भी बढ़ गया है। टीम में एलिस्टेयर कुक सहित कई अन्य बल्लेबाज बाएं हाथ के हैं जिन्हें जानसन की कहर बरपाती गेंदबाजों से दो चार होना पड़ सकता है। जानसन इस समय अपने कैरियर के शीर्ष पर हैं और एशेज सीरीज के दौरान आस्ट्रेलियाई आक्रमण की अगुवाई करने को तैयार हैं।
साथ ही साथ वह बल्लेबाजी के मोर्चे पर भी निचले क्रम में टीम की नैय्या पार लगाने को तैयार हैं जबकि चोट से वापसी कर रहे ¨फ्लटाफ कहांतक टीम की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे इसका अनुमान लगाना अभी मुश्किल होगा क्योंकि इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान वह अपने प्रदर्शन से प्रशंसकों का दिल नहीं जीत पाए थे।