इंदौर। इंदौर का इतिहास बताने वाली बेशकीमती पेंटिंग्स पुरातत्व विभाग की लापरवाही से सड़ने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। इन 64 पेंटिंग्स को लालबाग पैलेस के स्टोर रूम में पटक दिया गया है। दिसंबर तक ये पेंटिंग्स पैलेस के बरामदे में ही रखी हुई थीं लेकिन अब इन पर किसी की नजर न पड़े इसलिए इन्हें पैलेस की पहली मंजिल पर बने स्टोर रूम पर पटक दिया है।
इन पेंटिंग्स के साथ स्टोर रूम में अटाला भी पड़ा हुआ है। लालबाग पैलेस में रखी हुई ६४ पेंटिंग्स में कुछ राजबाड़ा में रखी थीं, जो १९८४ में राजबाड़ा में आग लग जाने के बाद यहां भेजी गई थीं।
ट्रीटमेंट का खर्च 20 लाख
लालबाग पैलेस में रखी इन ६४ पेंटिंग्स का ट्रीटमेंट करने और फिर इन्हें रीस्टोर करने के लिए एक्सपर्ट बुलाने से लेकर केमिकल ट्रीटमेंट तक १५ से २क् लाख रुपए का खर्च आएगा।
प्रदेश में सिर्फ दो तारामंडल
सिर्फ पेंटिंग्स ही नहीं लालबाग में तारामंडल की हालत भी खराब है। पूरे प्रदेश में भोपाल के आलावा इंदौर के पास ही यह गौरव है लेकिन अब यह भी उपेक्षा का शिकार हो रहा है। लालबाग में इसे निहारने रोजाना लगभग ७क् दर्शक आते थे, जिनसे 13000 रुपए प्रतिमाह की आय पुरातत्व विभाग को होती थी।
खामियां सुधारना होंगी
लालबाग में तारामंडल की व्यवस्था संभालने वाले रामप्रसाद चौधरी के मुताबिक इसका साउंड सिस्टम खराब हो चुका है, जिसे बदलने की जरूरत है। इसके अलावा प्रोजेक्टर में लगने वाले २ वॉल्ट २ एम्पीयर के दोनों बल्ब भी खराब हो चुके हैं, जिससे तारों की चमक सही समझ नहीं आती है।
फिलहाल इन खराब बल्बों की जगह पर कम वॉल्ट के लोकल बल्बों का इस्तेमाल किया जा रहा है जो कि तारों की चमक सही तरीके से नहीं दिखा पाते हैं। राशियां दिखाने वाली स्लाइड भी टूट चुकी हैं और केवल तीन स्लाइडों पर ही प्रदर्शन किया जा रहा है।
साथ ही पिक्चर पाइंटर जिसमें स्लाइड के जरिये तारों की स्थिति दिखाते हैं और एरो पाइंटर भी टूट चुका है जिससे तारों की वास्तविक स्थिति दिखाई जाती है। रूम का तापमान २४ डिग्री रखने के लिए एसी और एक्जास्ट फेन की जरूरत है। दर्शकों के बैठने के लिए राउडेविल चेयर भी तारामंडल की जरूरत है।

रीस्टोर करने के लिए इतिहासकारों से सलाह लें
फ्रांस के राजमहल की तर्ज पर लालबाग की आंतरिक सज्जा की परिकल्पना की गई और इसे पूरा करने के लिए देश-विदेश से चुनिंदा चित्रकारों और शिल्पकारों की भव्य सुंदर कलाकृतियों से सजाया गया था।
मैं छह साल की उम्र से अपने दादा रायबहादुर महादेव पृथ्वीनाथ (जो तुकोजीराव होलकर के बालसखा थे) के साथ यहां जाता रहा हूं। इस महल में आजादी पूर्व और आजादी के बाद नामचीन हस्तियों का आगमन हुआ है। लॉर्ड हर्डिग, लॉर्ड रीडिंग, प्रिंस ऑफ वेल्स और कई फिरंगी हुक्मरानों का स्वागत यहां हुआ है।
आजादी के बाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद और जवाहरलाल नेहरू का स्वागत यहां हुआ है। चित्रकला के जितने भी नमूने खराब हो चुके हैं, उन्हें रीस्टोर किया जा सकता है। इसके लिए चित्रकला के इतिहासकारों से परामर्श भी लिया जा सकता है।
यदि कोई भी पेंटिंग खराब हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार सरकारी अफसर ही हैं। भले ही ये पेंटिंग अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के आधार पर दुर्लभ न हों, लेकिन इंदौर के लिए ये सारी चीजें दुर्लभ एवं एेतिहासिक महत्व की हैं।
रमेश वैद्य इतिहासकार
बजट मिलेगा तो सब ठीक हो जाएगा
लालबाग में खराब हो चुकी पेंटिंग्स पर आपका क्या कहना है? रखरखाव की क्या व्यवस्था है?
हमें ये सारी पेंटिंग्स इसी हालत में प्राप्त हुई थीं। केमिकल एक्सपर्ट इनका रखरखाव और केमिकल ट्रीटमेंट करते हैं।
इन्हें रीस्टोर क्यों नहीं किया गया है?
हमने इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा है। उसे मंजूरी मिलने के बाद ही रीस्टोर करने का काम शुरू होगा।
लालबाग स्थित तारामंडल में क्या व्यवस्थाएं हैं?
हमें जो कुछ दान में मिला था, फिलहाल वहीं सुविधाएं हैं।
कुछ दिनों से इसे बंद क्यों कर रखा है?
सोमवार के अवकाश को छोड़कर कभी बंद नहीं रहता है।
कर्मचारी छुट्टी पर गया होगा, मैं दिखवाता हूं।
साउंड सिस्टम और प्रोजेक्टर के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध क्यों नहीं हो पाई है?
हमने इसके लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही सारी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी।
प्रकाशचंद्र माथुर उपसंचालक पुरात्तव विभाग
प्रस्ताव की मंजूरी के बाद होगा ट्रीटमेंट
लालबाग में रखी पेंटिंग्स में से ६४ खराब हो चुकी हैं। ये पेंटिंग्स हमें इसी हालत में मिली थीं। इन्हें रीस्टोर किया जा सकता है, लेकिन इसमें १५ से २क् लाख रुपए का खर्च आएगा। हमने इसके लिए प्रस्ताव बनाकर देहरादून भेज दिया है, वहां से मंजूरी के बाद ही इनका ट्रीटमेंट हो पाएगा।
प्रवीण श्रीवास्तव केमिस्ट पुरातत्व विभाग