कराची.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने विवादास्पद तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ पर गत वर्ष दुबई में मादक पदार्थ रखने के आरोप में पकड़े जाने के मामले में बतौर जुर्माना दस लाख रुपए का दंड लगाया है। इस मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति की सिफारिश पर पीसीबी ने आसिफ पर जुर्माना लगाने का फैसला किया है। इस समिति के अध्यक्ष वसीम बारी ने बताया कि आसिफ ने भी अपनी गलती मानते हुए इस फैसले को स्वीकार कर लिया है।
गौरतलब है कि आसिफ गत वर्ष इंडियन प्रीमियर लीग आईपीएल टूर्नामेंट से स्वदेश लौटने के दौरान दुबई हवाईअड्डे पर अफीम के साथ पकड़े गए थे हालांकि उन्हें १९ दिनों तक हिरासत में रखने के बाद मादक पदार्थ की कम मात्रा होने के कारण छोड़ दिया था लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने पाकिस्तान प्रत्यावíतत किया था।
पीसीबी ने अपने बयान में कहा जांच समिति की अनुशंसा पर हमने आसिफ पर १क् लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। समिति ने सर्वसम्मति से यह तय किया कि आसिफ पर अर्थदंड लगाया जाए। बहरहाल आसिफ के लिए एक खुशखबरी भी है। पीसीबी ने कहा कि वह सितंबर में आईपीएल का प्रतिबंध पूरा करने के बाद पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम में चुने जाने के हकदार हो जाएंगे गौरतलब है कि आसिफ को गत वर्ष आईपीएल टूर्नामेंट के दौरान प्रतिबंधित दवा नैंड्रोलोन का दोषी पाये जाने के बाद एक साल के लिए क्रिकेट खेलने से प्रतिबंधित कर दिया गया था।
इस २६ वर्षीय तेज गेंदबाज ने पीसीबी के इस फैसले पर कहा जहां तक सितंबर के बाद टीम चयन के काबिल होने की बात है तो मैं इस पर काफी खुश हूं। मेरे लिए यह एक बहुत बड़ा फैसला है। वैसे जुर्माने के मसले पर मैं अपने वकील से बात कर कुछ तय करूंगा।
आसिफ ने वर्ष २क्क्५ में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने के साथ ही अपनी सधी हुई गेंदबाजी से हरेक का ध्यान आकíषत किया था। लेकिन वर्ष २क्क्६ के अंतिम महीनों में चैंपियंस ट्राफी के ऐन पहले प्रतिबंधित दवा के सेवन का आरोप लगने के बाद से ही उनका कैरियर लगातार कई विवादों में उलझता चला गया।