निर्देशक: साबिर खान
गीत : आरडीबी, अन्विता दत्त
संगीत : अनुमलिक
कहानी : साबिर खान
कलाकार : अक्षय कुमार, करीना कपूर, अमृता अरोरा ,आफताब शिवदासानी , किरण खेर और अन्य
निर्माता : साजिद नाडियाडवाला
बैनर : नाडियाडवाला ग्रेंडसन एंटरटेनमेंट, ईरोज एंटरटेनमेंट
हर प्यार की एक कहानी होती है, एक ऐसी दास्तान होती है जो आंखो से होते हुए दिल पर छा जाए लेकिन बड़े बजट की कमबख्त - इश्क इस मामले में दर्शक को निराश करने वाली है। प्यार के जज्बात का जादू परदे पर खूब सराहा जाता रहा है और लेकिन फिल्म के निर्देशक सबीर खान प्यार की भाषा गढ़ने में नाकामयाब रहे है। हालांकि उन्होंने बड़े स्टारों की मंडली सजाई है। दो विपरीत स्वभाव वाले एक लड़के और लड़की को तीखी नोक - झोंक का सहारे पास लाने का फामरूला भी अपनाया है। 6 चुंबन दृश्यों का तड़का भी लगाया है, लेकिन कहानी पर लचर पकड़ के चलते बात जमती नजर नहीं आती है।
कॉमेडी और स्टंटमैन की भूमिका के लिए अक्षय कुमार का चयन और नायिका के रूप में करीना कपूर को लेना फिल्म के लिए प्लस पॉइंट तो है लेकिन कमजोर पटकथा के चलते इनकी कैमेस्ट्री दर्शक को रोमांचित नहीं कर पाई।
प्यार की इस कहानी में विराज (अक्षय कुमार) हॉलीवुड के एक ऐसे स्टंटमैन की भूमिका में जो अपने काम को सब कुछ मानता है और जो लड़कियों को केवल दिल बहलाने की चीज मानता है। वहीं सिमरीटा (करीना कपूर) एक ऐसे सर्जन की भूमिका में है जो पुरुषों की बीमार मानसिकता से चिढ़ती है। उसे लगता है कि पुरुष प्यार भी करता है तो बस धोखा देने के लिए। दोनों में तीखी नोक-झोंक पूरी फिल्म में बिखरी पड़ी है, जिसके कारण विराज के भाई (आफताब शिवदासनी) और सिमरीटा की दोस्त (अमृता अरोरा) की शादी टूटने के कगार पर आ जाती है। बाद में घटनाओं को कुछ इस तरह से जोड़ा गया है जिसमें नोक-झोंक और शर्त जीतने और काम निकालने के लिए दिखावे के प्यार में नायक और नायिका को सचमुच प्यार हो जाता है।
फिल्म का संगीत मध्यम श्रेणी का है लेकिन इसके लिए आप अन्नू मलिक को दोषी नहीं ठहरा सकते हंै। हालांकि उन्होंने पुराना अंदाज दोहराने की कोशिश की है लेकिन नई पीढ़ी में बात बन जाएगी ऐसा नहीं लगता।
मानव संबंधों में प्यार की उष्मा बड़ी खूबसूरत और दिलकश होती है जिसे फिल्म के निर्देशक शायद समझनें में नाकामयाब लगते है। दरअसल फिल्मकार अब फिल्म बनाते समय बॉक्स ऑफिस पर सफलता के लिए स्टॉर की इमेज और दो चार हॉट किस सीन के सहारे अपना रास्ता पार कर लेना चाहता है।
जहां तक अक्षय कुमार के अभिनय की बात है तो उन्होंने अपनी छवि के हिसाब से बेहतर काम किया है लेकिन इतने बड़े स्टार के लिए इस कदर कमजोर स्टोरी लाइन वाली फिल्म में करने के लिए कुछ था नहीं। सिल्वेस्टर स्टेलॉन और डेनिस रिचर्डस संक्षिप्त भूमिकाओं में है और उनकों करने के लिए कुछ विशेष नहीं था।
करीना कपूर का गुस्सा जब वी मेट में बेहद पसंद किया गया था लेकिन यहां वे अपने उस स्तर को छू पाने में कामयाब होती नहीं दिखती है। दरअसल यहां करीना का खुद की छवि से मुकाबला था और अपनी परछाई को छूना कभी कभी बेहद मुश्किल हो जाता है। लेकिन करीना ने बोल्ड अंदाज में अक्षय कुमार के साथ ६ हॉट किस सीन कर सनसनी फैलाने का प्रयास किया है।
बॉलीवुड के इन दो स्टारों की सितारा छवि इस फिल्म को सफल बना दे तो बात बन सकती है अन्यथा प्यार की इस कहानी को देखकर तो आप भी कह उठेंगेहाय रब्बा ये क्या हो गया?
*** देख सकते हैं